गुरू पूर्णिमा के मौके पर उन्होंने सासरोली गांव की बणी में जोहड़ वाले मंदिर के महंत बाबा बालक नाथ जी महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से बणी में तीन पेड़ बड़ व पीपल लगाए। पूर्णिमा के अवसर पर पेड़ लगाते हुए इन पेड़ों के पोषण के साथ हर साल इसी तरह से इसी समय यानी मॉनसून में पेड़ लगाने का निर्णय लिया।