Updated on Tuesday, August 17, 2021 15:19 PM IST
चंडीगढ़,16 अगस्त। वर्ष 1988 बैच के आईपीएस पीके अग्रवाल अब हरियाणा के पुलिस महानिदेशक होंगे। अग्रवाल ने प्रदेश के 32वें पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यभार भी संभाल लिया। उन्होंने मनोज यादव की जगह यह पद संभाला है। अब हरियाणा के निवर्तमान डीजीपी मनोज यादव की सेवाएं केद्र को सौंप दी जाएंगी।
यूपीएससी ने बीती 12 अगस्त की बैठक में तीन आईपीएस अधिकारियों का पैनल हरियाणा सरकार को भेजा था। जिसमें 1988 बैच के पीके अग्रवाल सबसे पहले नंबर पर थे। इस पैनल में दूसरे नंबर पर आईपीएस मोहम्मद अकील तथा तीसरे नंबर पर आईपीएस आरसी मिश्रा का नाम था।
हरियाणा सरकार ने रविवार की रात पीके अग्रवाल के नाम पर मोहर लगाते हुए उन्हें डीजीपी की कमान सौंप दी। अग्रवाल 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त होंगे। डीजीपी पद पर उनका कार्यकाल दो साल का रहेगा। मूल रूप से बिहार निवासी पी के अग्रवाल 2004 में पुलिस मेडल और 2015 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किए जा चुके हैं।
डीजीपी नियुक्त होने के बाद सोमवार को पीके अगव्राल पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में पहुंचे। जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने उन्हें बैटन सौंपकर डीजीपी की कुर्सी पर बिठाया। इसके बाद पीके अग्रवाल ने पुलिस मुख्यालय में तैनात सभी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें विभिन्न विंगों के केसों पर स्टेटस रिपोर्ट ली गई।
हरियाणा में दो साल से अधिक बतौर पुलिस महानिदेशक सेवाएं देने वाले आईपीएस मनोज यादव अब केंद्र में सेवाएं देंगे। हरियाणा में आने से पहले वह आईबी में थे। यादव का कार्यकाल यहां उतार-चढ़ाव वाला रहा है। गृहमंत्री अनिल विज के साथ उनके ज्यादा पटरी नहीं बैठी। दो साल पूरे होने के बाद जब सरकार ने उन्हें एक्सटेंशन दी तो गृहमंत्री उससे सहमत नहीं थे।
विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाए जाने के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष भी उनसे खफा थे। एक्सटेंशन मिलने के बावजूद करीब दो माह पहले मनोज यादव ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर उन्हें रिलीव करने और वापस केंद्र में भेजने का आग्रह किया था। यादव के आवेदन को स्वीकार करने के बाद प्रदेश में नए डीजीपी की तैनाती हुई है।
Have something to say? Post your comment