नई दिल्ली, तानिया रोहिल्ला। समाज में बदलाव लाने का जज़्बा, जरूरतमंदों की मदद का संकल्प और जनहित के कार्यों के प्रति निरंतर समर्पण जब किसी व्यक्ति की पहचान बन जाए, तो उसका सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। ऐसी ही सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए जयप्रकाश रोहिल्ला (जेपी प्रधान) को Iconic Human Rights & Educational Organisation की ओर से मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जयप्रकाश रोहिल्ला को मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर उन्हें उनके सामाजिक कार्यों, मानव सेवा, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
हजारों पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जयप्रकाश रोहिल्ला ने अब तक हजारों की संख्या में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनका मानना है कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनका यह प्रयास केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।
सामाजिक योगदान को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
हजारों पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश, बंधुआ मजदूरों को कराया मुक्त
पशु-पक्षियों की रक्षा से लेकर जनसुरक्षा तक निभाई अहम भूमिका — जनसेवा को बनाया जीवन का
बंधुआ मजदूरों की मुक्ति से लेकर जरूरतमंदों की मदद तक
उनके सामाजिक कार्यों में बंधुआ मजदूरों को मुक्त करवाने जैसे महत्वपूर्ण प्रयास भी शामिल हैं। इसके अलावा रेजिडेंट्स वेलफेयर और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को लेकर भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली हेल्पलाइन फाउंडेशन के माध्यम से वे राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
बेजुबान जीवों की रक्षा के लिए भी सक्रिय
समाज सेवा का दायरा केवल इंसानों तक सीमित नहीं होना चाहिए, इसी सोच के साथ वे जीव-जंतुओं की जीवन रक्षा और गो-ग्रास योजना से भी जुड़े हुए हैं। दिल्ली सरकार की भागीदारी योजना के तहत पशुओं के संरक्षण और उनकी सहायता के प्रयासों में उनकी सक्रियता उल्लेखनीय है।
दिल्ली पुलिस के साथ जनसुरक्षा में भी योगदान
जनता की सुरक्षा और आपसी सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उन्होंने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर आपसी रखवाली योजना में भी भागीदारी की। इसके साथ ही आम जनता की सुविधा के लिए पुलिस बूथ बनवाने और नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे कार्यों में भी योगदान दिया।
उनका कहना है कि समाज की समस्याओं को केवल देखकर आगे बढ़ जाना समाधान नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आगे आकर जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची जनसेवा है।
सम्मान के पीछे वर्षों की मेहनत और सेवा का संकल्प
मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर यह सम्मान उनके वर्षों के सामाजिक प्रयासों और जनकल्याण के प्रति समर्पण की पहचान के रूप में देखा जा रहा है। मानवाधिकार, शिक्षा, पर्यावरण, पशु संरक्षण, जनसुरक्षा और जरूरतमंदों की सहायता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रियता समाज के अन्य लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है।
जयप्रकाश रोहिल्ला का संदेश
“जन सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं, यही मेरा लक्ष्य है।”
उनका यह विचार बताता है कि उनके लिए सम्मान से अधिक महत्वपूर्ण समाज के बीच रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जरूरतमंदों के काम आना है।