चंडीगढ़, 29 जुलाई। देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा क्षेत्र के लिए विभिन्न नई पहलों का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और शिक्षा मंत्री कंवर पाल भी चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विद्या प्रवेश, भारतीय सांकेतिक भाषा एक विषय, निष्ठा 2.0 का शुभारंभ किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) भी लांच किया जो उच्च शिक्षा में छात्रों के लिए प्रवेश और निकासी विकल्प, प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियरिंग कार्यक्रम और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण के लिए दिशानिर्देश प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि यह नई शिक्षा नीति 21वीं सदी की जरूरतों के अनुकूल है। आज शुरू की गई नई पहलें भारत के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट काल के समय में ऑनलाइन शिक्षा का महत्व समझ में आया है और शिक्षा का तरीका बदला है।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरुआत की गई नई पहलों का राज्य में त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि हरियाणा वर्ष 2025 तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के अपने लक्ष्य को पूरा कर सके।
इस मौके पर हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के चेयरमैन बी.के.कुठियाला, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी.एस.ढेसी, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महावीर सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी.उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ.अमित अग्रवाल, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा जे.गणेशन, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।