-सर्दी में पेड़ लगने में होगी मुश्किल इसलिए अभी से लगा दिए
झज्जर। कहते हैं किसी भी अच्छे काम की शुरुआत के लिए कोई मुहुर्त नहीं देखना चाहिए। जब काम शुरू किया जाए, वही शुभ मुहुर्त हो जाता है। इसी सोच के साथ पेशे से एडवोकेट सोमवीर सिंह पर्यावरण में सुधार को पेड़ लगाने का काम शुरू किया है। साथ ही इन पेड़ों की देखरेख का जिम्मा लेते हुए हर साल तीन पेड़ लगाने का निर्णय भी लिया है।
जिले के गांव सासरोली निवासी सोमवीर सिंह एडवोकेट के बेटे कुशल का जन्मदिन 29 दिसम्बर को, पत्नी प्रिया का जन्मदिन दो दिसम्बर को व उनकी शादी की (सोमवीर एवं प्रिया) सालगिरह एक दिसम्बर माह में है। इन तीनों आयोजनों की खुशी में उन्होंने पेड़ लगाने का निर्णय लिया। गुरू पूर्णिमा के मौके पर उन्होंने सासरोली गांव की बणी में जोहड़ वाले मंदिर के महंत बाबा बालक नाथ जी महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से बणी में तीन पेड़ बड़ व पीपल लगाए। पूर्णिमा के अवसर पर पेड़ लगाते हुए इन पेड़ों के पोषण के साथ हर साल इसी तरह से इसी समय यानी मॉनसून में पेड़ लगाने का निर्णय लिया।
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सोमवीर सिंह एडवोकेट कहते हैं कि सर्दी के मौसम में पेड़ लगाने से कम ही पेड़ बच पाते हैं। इसलिए उन्होंने उस समय के अपने परिवार के इन विशेष आयोजनों पर मॉनसून में ही पेड़ लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में जिस तरह से ऑक्सीजन की कमी हम सब ने झेली है, देखी है, इससे हमें सबक लेना जरूरी है। हमें चाहिए कि अधिक से अधिक पेड़ लगाकर ऑक्सीजन की कमी को दूर करें। ऐसा काम करें कि हमें सिलेंडर आधारित ऑक्सीजन की कमी ना हो, हम प्राकृतिक ऑक्सीजन के सहारे ही जीवन को बेहतरी से जिएं। वे कहते हैं कि हर व्यक्ति को अपने जीवन के खास अवसरों पर बाकी कार्यों के साथ-साथ पेड़ लगाने के कार्य को प्रमुखता से करना चाहिए।
उन्होंने अपने बेटे व पत्नी के जन्मदिन और अपनी सालगिरह के उपलक्ष्य में यह कार्य किया है। इस तरह के कार्यों के प्रति समाज के हर व्यक्ति को जागरुक होना चाहिए। प्रकृति से हम बहुत कुछ लेते हैं, लेकिन देते कुछ भी नहीं। प्रकृति को सहेजकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। सोमवीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि चाहे शहर को या गांव, पर्यावरण की रक्षा हम सभी को करनी है।