Saturday, 17 October 2026
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धर्म कर्म

जानिए क्यों मनाते हैं भाई दूज का पर्व, ये है तिलक करने का शुभ मुहूर्त

जानिए क्यों मनाते हैं भाई दूज का पर्व, ये है तिलक करने का शुभ मुहूर्त

प्रत्येक साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्व को देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस खास अवसर पर बहनें अपने भाई का तिलक करती हैं और भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए कामना करती हैं। क्या आपन जानते हैं कि भाई दूज का पर्व क्यों मनाया जाता है। अगर नहीं पता, तो आइए इस लेख में हम आपको बताएंगे इसकी वजह के बारे में।

इन गुणों की वजह मां लक्ष्मी श्रीहरि को मान बैठी थीं पति, बेहद रोचक है वजह

इन गुणों की वजह मां लक्ष्मी श्रीहरि को मान बैठी थीं पति, बेहद रोचक है वजह

हिंदू धर्म में भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो साधक श्रीहरि विष्णु की पूजा भक्तिपूर्ण करते हैं, उन्हें वे प्रसन्न होकर मनचाहा वर प्रदान करते हैं। साथ ही उन जातकों के ऊपर माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है। वहीं, आज हम भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के विवाह को लेकर कुछ ऐसी रोचक बातें साझा करेंगे, जिसे जानकर आपको हैरानी होगी, तो आइए जानते हैं कि आखिर किन गुणों को देखकर धन की देवी मां लक्ष्मी ने श्रीहरि को अपना पति मान लिया था।

जानें  रमा एकादशी पर पूजा की  विधि और शुभ मुहूर्त

जानें रमा एकादशी पर पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त

 इस वर्ष कार्तिक मास में रमा एकादशी का व्रत आयोजित किया जाएगा।  सनातन धर्म में रमा एकादशी का विशेष महत्व है।  इस दिन व्रति रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।  मान्यता है कि रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है।  आइए जानते हैं कि इस वर्ष रमा एकादशी कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत पारण का समय।

छठ पूजा होने वाली है शुरू, जानें बिहार के महापर्व की डेट

छठ पूजा होने वाली है शुरू, जानें बिहार के महापर्व की डेट

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से छठ पूजा का उत्सव मनाया जाता है।  छठ महापर्व बिहार में काफी प्रचलित है, इसके अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी इस त्योहार को श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है।  यह महापर्व चार दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत नहाय खाय से होती है।  छठ पूजा का प्रमुख व्रत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को किया जाता है।  यहां जानें किस दिन से शुरु होने जा रहा है छठ महापर्व।

अकाल मृत्यु व गंभीर रोगों से बचने के लिए करें धन्वंतरि भगवान की पूजा

अकाल मृत्यु व गंभीर रोगों से बचने के लिए करें धन्वंतरि भगवान की पूजा

धन्वंतरि पूजा और यज्ञ धन्वंतरि त्रयोदशी पर किया जाता है जो दिवाली पूजा से दो दिन पहले कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दौरान मनाया जाता है।  यह आयुर्वेद के शिक्षक और जनक, भगवान धन्वंतरि के दिव्य अवतार में भगवान विष्णु की उपस्थिति का प्रतीक है।  यहां जानें कब होगी भगवान धनवंतरी की पूजा और इससे क्या प्रभाव पड़ता है।

  जानें करवा चौथ पर मिट्टी के करवे से चंद्रमा को अर्घ्य देने के पीछे की पौराणिक कथा

जानें करवा चौथ पर मिट्टी के करवे से चंद्रमा को अर्घ्य देने के पीछे की पौराणिक कथा

देशभर में 20 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत शादीशुदा महिलाएं अपने पति के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, रीति-रिवाज से पूजा-पाठ करती हैं ताकि हस्बेंड को लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन प्राप्त हो सके। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ त्योहार सेलिब्रेट किया जाता है। इसमें प्रात: सरगी लेने के बाद चांद देखने तक निर्जला व्रत किया जाता है।

महाभारत से जुड़ी इन कथाओं के कई तथ्य आज भी धरती पर है मौजूद

महाभारत से जुड़ी इन कथाओं के कई तथ्य आज भी धरती पर है मौजूद

महाभारत की कथा  आज भी मानव मात्र को प्रेरणा देने का कार्य करती है। जहां अधिकतर हिंदू ग्रंथ हमें ये सिखाते हैं, कि हमें क्या करना चाहिए, वहीं महाभारत हमें बतलाता है कि जीवन में किन गलतियों को करने से बचना चाहिए। महाभारत से जुड़े कई तथ्य आज भी धरती पर मौजूद है, जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

अहोई अष्टमी पर ये उपाय करने से मिलेगा संतान को लाभ

अहोई अष्टमी पर ये उपाय करने से मिलेगा संतान को लाभ

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष पर की अष्टमी तिथि पर किया जाता है। इस बार यह व्रत गुरुवार, 24 अक्टूबर के दिन पड़ रहा है। इस दिन पर महिलाएं अपनी संतान की सुरक्षा व सफल जीवन के लिए व्रत करती हैं। ऐसे में आप इस दिन पर कुछ उपाय कर सकते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

जानें  पितृ दोष से कैसे पाएं छुटकारा? इन पौधों की करें पूजा, दान करें ये चीजें

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जानें इस साल कब है महालया और कब से होगी शारदीय नवरात्रि की शुरुआत

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जानें नवरात्रि में नौ दिनों तक होगी माता के इन स्वरूपों की पूजा

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जानें किस दिन रखा जाएगा जितिया व्रत, शुभ मुहूर्त

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हर शुक्रवार के दिन करें ये उपाय, लक्ष्मीजी की बरसेगी कृपा

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जानें कब है पितृपक्ष का प्रदोष व्रत है, इस दिन करें ये उपाय, दूर होगा पितृदोष

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जाने कब हुई थी शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, ये 2 कथाएं हैं सबसे प्रचलित

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जानें ओणम त्योहार क्यों है खास

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जानें रवि प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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किन्नर मंदिर में विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की मूर्ति की स्थापना

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बजरंगबली को छोड़कर रामायण काल के अन्य 5 सबसे शक्तिशाली वानर

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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार गणेश चतुर्थी को चंद्रमा को देखना माना जाता है अशुभ

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जानिये महाभारत की ऐसी कई महिलाएं जिनके कष्ट और दुख का जिक्र महाभारत में कही नहीं किया गया

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जानें लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मानने की विधि और नियम

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अजा एकदाशी पर भगवान विष्णु को अर्पित करें ये चीजें, मिलेगा मनचाहा फल

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जाने कब मनाया जाएगा गणेश चतुर्थी का पर्व, किस शुभ मुहूर्त में कर सकेंगे पूजा

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शक्ति कलश, अग्नि कलश यात्रा और जीभ में त्रिशूल घोंप दिखाई धार्मिक आस्था

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