Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार • आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन • मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध उतरी नर्सिंग एसोसिएशन

धर्म कर्म

जानें इस साल कब है महालया और कब से होगी शारदीय नवरात्रि की शुरुआत

Updated on Sunday, September 29, 2024 07:16 AM IST

चंडीगढ़। महालया अमावस्या, जिसे सर्वपितृ अमावस्या, पितृ अमावस्या या पितृ मोक्ष अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, पूर्वजों के सम्मान के लिए समर्पित हिंदू कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण दिन है। दक्षिण भारत में भाद्रपद (अमावस्यांत कैलेंडर के अनुसार) और उत्तर भारत में आश्विन (पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार) के महीने में मनाया जाता है, यह ग्रेगोरियन कैलेंडर में सितंबर और अक्टूबर के बीच आता है। महालया अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन है, जो मृतक परिवार के सदस्यों के लिए अनुष्ठान करने के लिए समर्पित 15-दिवसीय अवधि है।

किस दिन है महालया

हिंदू पंचांग के अनुसार महालया का पर्व सर्व पितृ अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष आश्विन मास की अमावस्या 2 अक्तूबर 2024 को आएगी। अतः इस वर्ष महालया भी 2 अक्तूबर 2024 को मनाई जाएगी। इसी दिन मां दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन होता है और विजयादशमी के दिन दुर्गा पूजा का समापन होता है।

महालया का नवरात्रि से क्या संबंध है

हिंदू धर्म में महालया के बाद नवरात्रि का आरंभ होता है, जब मां दुर्गा हर घर में स्थापित होती हैं। इस वर्ष नवरात्रि 3 अक्टूबर, 2024 से प्रारंभ हो रही है। यदि महालया के दिन देवी दुर्गा मानवता के बीच नहीं आतीं, तो नवरात्रि के नौ दिनों तक उनके विभिन्न स्वरूपों की पूजा करना संभव नहीं होता। इस प्रकार, महालया नवरात्रि के पर्व की शुरुआत का एक महत्वपूर्ण संकेत है। नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और सुख, समृद्धि तथा शक्ति की प्राप्ति होती है।

महालया का महत्व

महालया पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है और इसे अक्सर सर्व पितृ अमावस्या के रूप में जाना जाता है। इस दिन, कई लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने के लिए तर्पण या श्राद्ध अनुष्ठान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि महालया की सुबह के समय, पूर्वजों को विदाई देने के लिए पहली रस्में निभाई जाती हैं और शाम को देवी दुर्गा धरती पर उतरती हैं, जहां वे लोगों को अपना आशीर्वाद देने के लिए रुकती हैं।

Have something to say? Post your comment
करोड़ों की वैल्यू वाले फिटनेस वेंचर ‘ग्रैनिमल्स’ में आपराधिक साजिश

: करोड़ों की वैल्यू वाले फिटनेस वेंचर ‘ग्रैनिमल्स’ में आपराधिक साजिश

सुपवा की 'अभिव्यंजना' में होगा 2 हजार से अधिक कलाकृतियों का दीदार

: सुपवा की 'अभिव्यंजना' में होगा 2 हजार से अधिक कलाकृतियों का दीदार

15 जुलाई-विश्व युवा कौशल दिवस पर विशेष

: 15 जुलाई-विश्व युवा कौशल दिवस पर विशेष

दातीजी महाराज...एक ऐसा संत, जिसका जीवन मानव कल्याण, गायों की सेवा, बेटियों की खुशहाली और धर्म की रक्षा को समर्पित

: दातीजी महाराज...एक ऐसा संत, जिसका जीवन मानव कल्याण, गायों की सेवा, बेटियों की खुशहाली और धर्म की रक्षा को समर्पित

श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 172वां भंडारा आयोजित किया

: श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 172वां भंडारा आयोजित किया

माता मनसा देवी मंदिर में चोला अर्पित करने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू

: माता मनसा देवी मंदिर में चोला अर्पित करने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू

जानें Kainchi Dham क्यों कहलाता है नीब करौली बाबा का आश्रम

: जानें Kainchi Dham क्यों कहलाता है नीब करौली बाबा का आश्रम

जानें  गणेश जी ने मूषक राज को ही अपने वाहन के रूप में क्यों चुना?

: जानें गणेश जी ने मूषक राज को ही अपने वाहन के रूप में क्यों चुना?

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा  करने से जीवन में होगी सभी सुखों की प्राप्ति

: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से जीवन में होगी सभी सुखों की प्राप्ति

कब है पापमोचनी एकादशी-चैत्र नवरात्र, आइए जानते हैं इस माह के व्रत और त्योहार

: कब है पापमोचनी एकादशी-चैत्र नवरात्र, आइए जानते हैं इस माह के व्रत और त्योहार

X