चंडीगढ़। दिल्ली में यमुना के प्रदूषण को लेकर हरियाणा व दिल्ली सरकार फिर से आमने-सामने हो गए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा सोमवार को हरियाणा को इस मुद्दे पर घेरने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पलटवार किया है।
सोमवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में नायब सैनी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल अक्सर आरोप लगाकर पलट जाते हैं। सैनी ने दिल्ली सरकार के जल प्रबंधन तथा जल वितरण में खामियां गिनाते हुए कहा कि आरोप लगाने की बजाए बेहतर होगा दिल्ली सरकार अपने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर हरियाणा के सोनीपत में भेजे जहां से यमुना नदी की शुरूआत हो रही है। हरियाणा भी अपने अधिकारियों की एक टीम वहां भेजने के लिए तैयार है। अधिकारियों की टीम वास्तवित स्थिति के बारे में बता देगी।
दिल्ली सरकार आरोप लगाने की बजाए अपना जल वितरण संभाले , आठ फरवरी के बाद भाजपा सरकार करेगी बेहतर प्रबंधन
नायब सैनी ने कहा कि केजरीवाल अपनी नाकामियां छिपाने के लिए पहले भी इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं। वास्तविकता यह है कि दिल्ली सरकार आजतक अपना जल प्रबंधन नहीं सुधार पाई है। दिल्ली में ही 28 स्थानों पर यमुना में दूषित व गंदा पानी गिराया जा रहा है। हरियाणा के हिस्से में यमुना नदी का पानी पूरी तरह से साफ है। नायब सैनी ने चुटकी लेते हुए कहा कि वह दिल्ली में जहां भी प्रचार के लिए जा रहे हैं वहां की जनता साफ पानी नहीं मिलने की शिकायत कर रही है। दिल्ली की जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। आठ फरवरी को दिल्ली में बनने वाली भाजपा सरकार बेहतर जल प्रबंधन से दिल्ली वासियों की इस समस्या का समाधान करेगी।