पंचकूला, 16 अक्टूबर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि चिकित्सक का कार्य केवल रोगियों का उपचार करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संरक्षण, रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक करना समर्पण भाव है। इसी समर्पण भाव के साथ एनआईए में 16 अक्टूबर 2023 को सीमित संसाधनों में ओपीडी सेवाएं शुरू की गई थी। ओपीडी की तीसरी वर्षगांठ पर समर्पण-3.0 संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि हैं, क्योंकि सीमित संसधानों में शुरू की गई आयुर्वेद चिकित्सा आज जन-जन तक पहुंच रही है।
प्रोफेसर सतीश गंधर्व समर्पण-3.0 कार्यक्रम के अवसर पर आयोजित मानसिक स्वास्थ्य के विशेष व्याख्यान में बोल रहे थे। डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व, रचना शारीर विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर प्रह्लाद रघु, स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग के विभागाध्यक्ष तथा समर्पण-3.0 कार्यक्रम समिति के चेयरमैन प्रोफेसर संजीव शिवप्पा और डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने धन्वंतरि वंदना के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और भगवान धन्वंतरि के चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए। इससे पहले समर्पण-3.0 के मौके पर शालाक्य तंत्र विभाग की ओर से आयोजित आंखों की जांच के निशुल्क शिविर का डीन इंचार्ज प्रोफेसर और सभी फैकल्टी सदस्यों ने दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ किया। शालाक्य तंत्र विभाग से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋचा मोहन और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गरिमा गुप्ता ने 50 से ज्यादा रोगियों की आंखों की जांच की।
ओपीडी की तीसरी वर्षगांठ पर समर्पण-3.0 कार्यक्रम का आयोजन
आंखों के निशुल्क जांच शिविर में 50 से ज्यादा रोगियों की गई जांच
सेमिनार हॉल में आयोजित समर्पण-3.0 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि एनआईए का उद्देश्य आयुर्वेद की समृद्ध चिकित्सा परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ आमजन को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में संस्थान चिकित्सा सेवाओं, आयुर्वेद शिक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि 16 अक्टूबर 2023 को सीमित संसाधनों के बीच ओपीडी सेवाएं शुरू की गई। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में शुरू की गई ओपीडी के लिए रोगियों को जुटाना बड़ी चुनौती थी। शून्य से शुरू हुआ सफर तीन सालों में नई बुलंदियों को छू रहा है। कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा ने एनआईए को शिखर तक ले जाने का जो सपना देखा है, उसे कर्तव्यनिष्ठा, आपसी सहयोग और टीम भावना के साथ काम करते हुए पूरा करना होगा।
स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग के विभागाध्यक्ष तथा समर्पण-3.0 के चेयरमैन प्रोफेसर संजीव शिवप्पा ने मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्वस्थ जीवन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। वर्तमान समय में व्यस्त जीवनशैली और तनाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना जरूरी है। आयुर्वेद और योग के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाकर व्यक्ति अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में सकारात्मक प्रयास कर सकता है।
प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में एनआईए को आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के साथ जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट पहचान दिलाने के लिए पूरे समर्पण भाव के साथ काम करेंगे। काय चिकित्सा विभाग की एचओडी प्रोफेसर मंजू सैनी ने कहा कि एनआईए निरंतर प्रगति करे और जनसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करे, इसको लेकर संकल्पबद्ध होकर कार्य करना होगा।
मंच का संचालन मेडिकल ऑफिसर डॉ. मानसी ग्रेवाल ने किया। उन्होंने बताया कि तीन साल की अवधि में एनआईए में ओपीडी 2 लाख से ऊपर पहुंच गई है। संस्थान में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), अंतरंग रोगी विभाग (आईपीडी), पंचकर्म चिकित्सा, फार्मेसी और केंद्रीय प्रयोगशाला जैसी सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।