चंडीगढ़। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने भाजपा सरकार के 100 दिन के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि तीसरी बार सत्ता में आने के बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया। हालांकि, इस कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी के साथ बिजली पर फ्यूल सरचार्ज और ईडीसी बढ़ाना है।
कांग्रेस विधायक ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार लगातार 10 साल से भाजपा की है, इसलिए तीसरी बार बनी भाजपा सरकार के 100 दिन चालू सरकार के ही हैं। तीसरी बार सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार का 100 दिन का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन इस अवधि के दौरान कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, जिसका सरकार उल्लेख कर सके। सरकार ने न तो जनहितैषी कदम उठाए और न ही पहले से चली जा रही परियोजनाओं को पूरा करने में कोई दिलचस्पी दिखाई। सरकार केवल हनीमून पीरियड में चल रही है, जिससे जनसरोकारों से कोई मतलब नहीं है।
अरोड़ा बोले, 100 दिन के कार्यकाल में सरकार की कोई जनहितैषी उपलब्धि नहीं
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि जब सरकार आई तो मंडियों में किसानों की धान एमसपी पर नहीं बिकी, इसके बाद किसानों को गेहूं बिजाई के लिए डीएपी नहीं मिली और फिर यूरिया की किल्लत झेलनी पड़ी।
अरोड़ा ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है, जिससे वित्तीय स्थिति खराब हो चुकी है। सरकार प्रति व्यक्ति आय बढने का दावा कर रही जबकि दूसरी तरफ 75 फ़ीसदी लोग बीपीएल की श्रेणी में आ चुके हैं। सरकार 24000 युवाओं को रोजगार देने की बात करती है लेकिन एचकेआरएन के तहत लगे सिंचाई विभाग के 1000 से ज्यादा कर्मचारी हटाए गए हैं।
अरोड़ा ने पटवारियों की भ्रष्टाचार में संलिप्तता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में अगर कोई भी अधिकारी कर्मचारी शामिल है तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सरकार एक तरफ सूची जारी करती है दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का बयान आता है सूची कैसे लीक हुई इसकी जांच करेंगे। पटवारियों पर सरकार कार्रवाई कर रही है लेकिन बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हुई थी उसकी गिरदावरी अब तक नहीं हुई है।