चंडीगढ़। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने केंद्रीय प्री बजट की बैठक में सुझाव देते हुए कहा कि गन्ने की फसल को बढ़ाने के लिए गन्ने को बोने व काटने की मशीने किसानों को अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाए ताकि धान की जगह गन्ने की फसल उगाई जाए और पानी को भी बचाया जा सकें।
श्याम सिंह राणा ने शनिवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सभी प्रदेशों के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रियों के साथ प्री बजट पर आयोजित कृषि और उद्यान विषय पर सुझाव बैठक में वीडियो कांफ्रैस के माध्यम से यह मांग उठाई।
केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा आयोजित प्री बजट की बैठक में दिए सुझाव , बागवानी के लिए 40 से 50 हैक्टेयर के छोटे क्लस्टर बनाने की जरूरत
उन्होंने कहा कि बागवानी को बढावा देने के लिए इसमें 40 से 50 हैक्टेयर के छोटे क्लस्टर बनाने की जरूरत है और साथ ही बागवानी किसानों के बागों की फैंसिंग हेतु योजना बनाकर अनुदान दिया जाए ताकि बागों को नुकसान न पहुचे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती की फसलों के लिए मंडियों को बनाया जाए और इनमें फसल टैस्टिग की लैब को लगाया जाए, ताकि प्राकृतिक खेती की प्रमाणिकता का पता चल सके।
श्याम सिंह राणा ने केंद्रीय कृषि मंत्री से अनुरोध किया की वर्तमान में प्राकृतिक खेती क्षेत्र में विनिर्देशन और मानकीकरण की कमी है। इसलिए केंद्रीय कृषि संस्थानों को इस पर काम करने के लिए निर्देशित करें कि प्राकृतिक खेती को कृषि उपज की गुणवत्ता या खेती की प्रक्रिया या दोनों के आधार पर प्रमाणित किया जाना है या नहीं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री का ध्यान फसल अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण की ओर भी आकर्षित किया। राज्य ने खेतों में आग लगने की घटनाओं को नियंत्रित करने में जबरदस्त प्रगति की है। इस वर्ष, 40 प्रतिशत की और कमी आई है और हरियाणा में खेतों में आग लगने की घटनाएं 700 से कम तक सीमित रहीं।