गुरुग्राम। कैनविन फाउंडेशन के संस्थापक डा. डी.पी. गोयल ने कहा है कि राजनीति और समाजसेवा से पैसा कमाने की सोच किसी की नहीं होनी चाहिए। ये दोनों क्षेत्र पैसा कमाने के नहीं सेवा करने के माध्यम हैं। रविवार को फेसबुक के माध्यम से गुरुग्राम की जनता से रूबरू हुए डा. डी.पी. गोयल ने दिल खोलकर अपनी बात रखी। उन्होंने लोगों के सवालों के जवाब भी पूरी जिम्मेदारी के साथ दिए।
इन दोनों क्षेत्रों से पैसा कमाने की सोच व्यक्ति को बनाती है कमजोर ,नए साल में नई ऊर्जा के साथ और बेहतर काम करने की होगी शुरुआत
उन्होंने कहा कि राजनीति में सेवा करने की सोच से ही आना चाहिए। धन कमाने की सोच व्यक्ति को किसी न किसी रूप में कमजोर करेगी। हमें खुद को एक प्रोडक्ट बनाकर काम करना है। उसी से ही हमें नाम भी मिलता है। पैसा कमाने के लिए समाजसेवा और राजनीति मोटिव ही गलत है। राजनीति को इसलिए बुरा भी माना जाता है। इससे व्यक्ति को यश की बजाय अपयश मिलेगा। राजनीति के क्षेत्र में अगले कदम के सवाल पर डा. डी.पी. गोयल ने कहा कि राजनीति में सफलता-असफलता सभी को मिलती है। असफलता से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। राजनीति को सेवा का माध्यम मानकर आगे बढ़ते रहेंगे। राजनीति में नवीन गोयल के अगले कदम पर उन्होंने कहा कि नए साल में नई ऊर्जा के साथ और बेहतर काम करना शुय करेंगे। ना रुके हैं, ना थके हैं। हम अपने नैतिक कर्तव्य निभाते रहेंगे। मां शीतला का आशीर्वाद लेकर सर्व समाज जो भी फैसला करेगा, उस पर काम करेंगे। क्योंकि पहले भी सर्वसमाज के आशीर्वाद से ही काम किया है। हमारे विचार भारतीय जनता पार्टी से मिलते हैं। राव नरबीर सिंह जी को सरकार में वजीर बनाया गया है। उनका अच्छा अनुभव है। उनकी कार्यशैली अच्छी है। चारों विधायक, मंत्री गुरुग्राम का भला करें। गुरुग्राम के हर परिवार के काम हों। मुख्यमंत्री ऊर्जावान व्यक्ति हैं। बेहतर काम कर रहे हैं। नवीन गोयल, कैनविन फाउंडेशन के योगदान की सरकार को कहीं जरूरत हो तो हम आगे आने को तैयार हैं। हम कोलोब्रेशन में भरोसा रखते हैं। मेयर चुनाव लडऩे के सवाल पर डा. डी.पी. गोयल ने कहा उनका अपना विचार है कि हमें नहीं लडऩा चाहिए। हमारा जीवन गुरुग्राम की सेवा में समर्पित है।
महिला सशक्तिकरण, युवाओं को स्किल्ड बनाने पर हो रहा काम
डा. डी.पी. गोयल ने कहा कि कैनविन फाउंडेशन के माध्यम से हमने गुरुग्रामवासियों की सेहत ठीक रखने की शुरुआत की। फिर महिला सशक्तिकरण पर काम करते हुए महिलाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू किए। युवाओं को रोजगार के लिए स्किल्ड बनाने की शुरुआत की। क्योंकि रोजगार के लिए स्किल्ड होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कैनविन रोजगार सेवा केंद्र में एक महीने के कोर्स में टैक्निकल स्किल बढ़ाते हैं। हम उन्हें मोरल वेल्यूज से जोड़ते हैं। सामाजिकता का बीच बोते हैं, ताकि वह आगे जाकर वट वृक्ष बने। कैनविन के माध्यम से स्किल डेवल्पमेंट को बड़े स्तर पर ले जाने का काम करेंगे। क्योंकि यह एक बहुत बड़ा विषय है। सरकार का भी इस पर फोकस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी देश में स्किल बढ़ाने के कार्यक्रम शुरू किए हैं। हमें युवाओं को नौकरी करने के लायक बनाने के साथ उन्हें जिम्मेदार युवा भी बनाना है।
कैनविन के सभी प्रकल्पों में रोज 1500 लोग ले रहे लाभ
उन्होंने कहा कि कैनविन फाउंडेशन के आरोगय धाम और पॉलिक्लीनिक में रोजाना करीब 1500 लोगों की ओपीडी होती है। उन्हें बेहतर सेवाएं देने का प्रयास सदा किया गया है। उन्होंने इसके लिए कैनविन से जुड़े हर व्यक्ति, स्टाफ का आभार जताया कि हर मरीज को पूर्णतया संतुष्ट किया जाता है। उनका कहना है कि अगर एक भी व्यक्ति असंतुष्ट होता है तो हमें अच्छा नहीं लगेगा। इसलिए हर तरह से व्यक्ति का संतुष्टि कैनविन में की जाती है। डा. डी.पी. गोयल ने फिर दोहराया कि कैनविन फाउंडेशन से हमारा मोटिव पैसा कमाना नहीं है। हम अपने घर से पैसा कैनविन में लगा रहे हैं। उनका गुरुग्राम की जनता से आग्रह है कि कैनविन उनकी सेवा के लिए ही है। अधिक से अधिक सेवाएं कैनविन से लें।
कैनविन आरोगय धाम में वल्र्ड क्लास सुविधाएं
कैनविन आरोगय धाम में वल्र्ड क्लास डायलिसिस सुविधा दी जा रही है। पिछले महीने तक 6000 डायलिसिस हो चुकी हैं। डायलिसिस की तीसरी शिफ्ट भी शुरू की गई है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सके। दूसरे फ्लोर पर सभी सर्जरी होती हैं। घुटने बदलने की सर्जरी भी यहां हो रही है। पूरी सर्जरी प्रक्रिया को लाइव देखा जाता है। मेदांता अस्पताल के जैसा यहां ऑपरेशन थियेटर है। किडनी, हार्ट, स्किन, यूरो, न्यूरो के स्पेशियलिस्ट डॉक्टर यहां सेवाएं देते हैं। जितने भी इंश्योरेंस हैं, सभी कैनविन में लागू हैं। बहुत कम समय में बेहतर सुविधाएं देने पर कैनविन फाउंडेशन नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल्स (एनएबीएच) ये भी पंजीकृत हो गया है। यह कैनविन परिवार की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि टीचर को गुरू और डॉक्टर को भगवान माना जाता है। इस गरिमा को बनाए रखने में हम विश्वास रखते हैं। कैनविन का यही मकसद है कि डॉक्टर्स को लेकर हुए अविश्वास को बहाल किया जाए। कैनविन की किसी अस्पताल, किसी संस्था से कोई प्रतियोगिता नहीं है। हम किसी के लिए बुरा नहीं बोलते, अपना अच्छा करने में विश्वास रखते हैं।