चंडीगढ़। हरियाणा-पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर किसानों की मांगों पर तवरित कार्रवाई की मांग की है। डल्लेवाल ने इस पत्र पर अपने खून से हस्ताक्षर किए हैं। वहीं डल्लेवाल का आमरण अनशन खुलवाने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 17 दिनों से मरणव्रत पर हैं। उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है। डल्लेवाल के लिए तैनात निजी डॉक्टरों ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया है कि उनका वजन 12 किलो से ज्यादा कम हो गया है। उनकी किडनी कभी भी फेल हो सकती है और उन्हें हार्ट अटैक भी आ सकता है। इतना ही नहीं डॉक्टरों के मुताबिक इतने दिनों तक भूखे रहने की वजह से उनके लिवर में भी दिक्कत आ सकती है।
खून से किए हस्ताक्षर, आमरण अनशन समाप्त करवाने को हाईकोर्ट में याचिका
इस बीच डल्लेवाल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखे पत्र में कहा है कि मैं देश का साधारण किसान जगजीत सिंह डल्लेवाल भारी मन से पत्र लिख रहा हूं। यह आंदोलन 13 फरवरी से चल रहा है। सरकार टस से मस नहीं हुई तो 26 तारीख से मरणव्रत शुरू कर दिया। जिन मांगों को लेकर यह संघर्ष चल रहा है। वह विभिन्न सरकारों द्वारा किए गए वायदे हैं। 2011 में किए गए वादे पूरे करो या मेरी कुर्बानी लेने को तैयार रहें। अगर मेरी जान चली गई तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी। क्योंकि मैं सरकार से आहत हूं और मैंने मरणव्रत शुरू करने का फैसला किया है। अगर इन दोनों मोर्चों का कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी। यह मेरा आपको पहला और आखिरी लेटर है।
दूसरी तरफ डल्लेवाल के आमरण अनशन को लेकर गुरुवार को एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि जल्द से जल्द डल्लेवाल के मरणव्रत को खत्म करवाया जाए। साथ ही मांग की गई है की डल्लेवाल को जरूरी डॉक्टरी सहायता देने के लिए जरूरी कदम भी उठाए जाएं। याचिका में उन्होंने मांग रखी है की शुक्रवार को ही इस मामले की सुनवाई की जाए।