अंबाला,7 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) : बाल भवन अंबाला छावनी की जमीन पर दो दुकानें बना दी गई। काम बड़ा तेजी के साथ हुआ और रात के समय दुकानों में सामान भी रख दिया गया। इसीलिए मामले की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी की गई है। डीसी शरनदीप बराड़ ने मामला बढ़ता देख बाल भवन के अंबाला छावनी और शहर से अधिकारियों से रिकार्ड तलब है और स्वास्थ्य मंत्री के साथ मौके का दौरा कर स्थिति भी स्पष्ट की है। लेकिन नगर निगम सदर जोन से निर्माण कार्य करने से पहले कोई भी नक्शा पास नहीं कराया गया है। इसीलिए निगम प्रशासन अपनी कार्रवाई में जुट गया है।
छावनी में पिछले कुछ दिनों से यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है तो नगर निगम प्रशासन भी मंगलवार को हरकत में आ गया। बाल भवन अंबाला के अधिकारियों से निगम के पास जो दस्तावेज आए हैं उसमें सामने आया है कि बाल भवन की जमीन पर दुकानें बनाने की प्रपोजल तत्कालीन डीसी मनदीप ¨सह बराड़ के कार्यकाल में बनाई गई थी इसके बाद डीसी प्रभजोत ¨सह ने इस प्रपोजल को मंजूरी देते हुए टेंडर की सार्वजनिक सूचना जारी की थी। अगस्त 2017 में टेंडर के बाद इसकी कागजी कार्रवाई पूरी होते ही यहां पर 20 फीट चौड़ी और 15 फीट लंबी एक तो दूसरी 10 बाई 10 की दुकान बनाने का पूरा कर लिया गया है। एक में तो कुछ सामान निर्माण कर्ता ने रख भी लिया है। दूसरी दुकान के अंदर फर्श डालने के साथ-साथ 10-10 फीट के दो शटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। करीब एक सप्ताह पहले इस मामले की शिकायत नगर निगम के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को एक व्यक्ति ने की थी।
मंत्री को डीसी ने मौके पर स्पष्ट की स्थिति
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मामले की शिकायत मिलने के बाद डीसी शरनदीप बराड़ को शिकायत की थी जिसके बाद डीसी ने बाल भवन छावनी और शहर से अधिकारियों से रिकार्ड तलब किया था। इसके बाद डीसी ने स्वयं मंत्री अनिल विज को बाल भवन पर पहुंच कर पूरी स्थिति स्पष्ट की थी। नगर निगम सदर जोन को भी यह रिकार्ड भेजा गया है लेकिन रिकार्ड में दुकानें बनाने के लिए कोई नक्शा पास नहीं है।
एक लाख में मिली टेंडर
बाल भवन के अधिकारियों की मानें तो यह टेंडर एक लाख रुपये में दो लोगों को अलॉट किया गया है और 15 हजार मासिक किराये पर यह दुकानें तीन साल के दी गई है। तीन साल के बाद इन दुकानों का फिर से टेंडर जारी कर अलॉट किया जाएगा। शर्त के मुताबिक निर्माण कर्ता की जिम्मेदारी दुकानें बना कर देनी की भी है। अधिकारियों की मानें तो यहां पर 14 अन्य दुकानें बनाने की भी योजना थी ताकि बाल भवन में कार्यरत कर्मियों की सैलरी और राजस्व में बढ़ोतरी हो सकी। लेकिन फिलहाल 14 दुकानों को मामला लटक गया है।
कोट्स
बाल भवन की जमीन पर बनी हुई दुकानों का निगम से कोई नक्शा पास नहीं है। इसीलिए नक्शा पास कराने के लिए बाल भवन के अधिकारियों को लिखा जाएगा और डीसी अंबाला की हिदायतों के अनुरूप शर्तो की पालना की जाएगी।
- रामदास धीमान, एमई, नगर निगम सदर जोन, अंबाला।
- बाल भवन की ओर से डीओटी के आधार पर यह दुकानें बना रहा है और उस पर पक्की छत नहीं डाली गई है। इसीलिए नक्शे की जरूरत नहीं है बाकी नगर निगम अधिकारियों को दुकानों से संबंधित दस्तावेज भेज दिए गए हैं।
- अशोक वर्मा, अतिरिक्त बाल भवन अधिकारी।