चंडीगढ़,25 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । हरियाणा के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी डा. अशोक खेमका फिर इनेलो और कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं। उनके विधानसभा कमेटी के समक्ष पेश नहीं होने को दोनों दलों ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाया है। खेमका हरियाणा भंडारण निगम में गेल वेल्यूम शीट खरीदने के मामले में विधानसभा कमेटी के बार-बार बुलाए जाने के बाद भी पेश नहीं हुए हैं।
अभय सिंह चौटाला और डा. रघुबीर कादियान ने विधानसभा में इस मामले को उठाया है। अभय चौटाला व रघुबीर कादियान ने राज्य सरकार पर खेमका को बचाने का आरोप लगाया। चौटाला ने खेमका का नाम लिए बिना भंडारण निगम में गेल वेल्यूम शीट की खरीद में हुई अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
अभय चौटाला ने कहा कि सिंचाई विभाग के दो रिटायर्ड अधिकारियों एके गुप्ता और राजीव बंसल को सिर्फ इसलिए नई नियुक्तियां दी गई, क्योंकि उन्होंने दादूपुर नलवी नहर परियोजना बंद करने की रिपोर्ट तैयार कराई थी। चौटाला ने अफसरों पर सरकार की मेहरबानी का जिक्र करते हुए कहा कि एक अधिकारी को विधानसभा कमेटी की मीटिंग में कई बार बुलाया गया, मगर वह नहीं आए। फिर ऐसी कमेटी का क्या फायदा।डा. रघुबीर कादियान ने कहा कि विधानसभा कमेटी की अगली मीटिंग अब 30 अक्टूबर को है। लिहाजा सरकार उन्हें कमेटी के सामने हर हाल में पेश होने के लिए निर्देश दे। कैग की 2013-14 की रिपोर्ट में हरियाणा भंडारण निगम में गेल वेल्यूम शीट की खरीद में अनियमितता का खुलासा हुआ था।