चंडीगढ़। पेरिस ओलंपिक में ओवरवेट के कारण बाहर हुई महिला पहलवान विनेश फौगाट तथा बजरंग पूनिया अब कांग्रेस के साथ अपनी नई पारी की शुरूआत करेंगे। राजनीति में आने के बाद वह खेल को जारी रखेंगे या नहीं इस बारे में दोनों खिलाडिय़ों ने स्थिति साफ नहीं की है। अलबत्ता यह साफ हो गया है कि विनेश फौगाट चुनाव लड़ेंगी और बजरंग पूनिया कांग्रेस के संगठन में काम करेंगे।
विनेश फौगाट व बजरंग पूनिया के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कई दिनों से चर्चाओं का दौर जारी था। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद विनेश की कांग्रेस में जाने को लेकर स्थिति साफ हो गई थी। शुक्रवार को विनेश फौगाट ने कांग्रेस में शामिल होने से पहले पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ बैठक की। इसके बाद वेणुगोपाल, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष अध्यक्ष उदयभान व अन्य कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में विनेश फौगाट व बजरंग पूनिया ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
इस अवसर पर विनेश फौगाट ने कहा कि उन्हें जब सडक़ों पर घसीटा जा रहा था तो भाजपा को छोडक़र अन्य सभी दल उनके साथ खड़े थे। आज वह गौरवान्वित महसूस करती हैं कि वह ऐसे दल में शामिल हो रही हैं जहां महिलाओं को सम्मान दिया जा रहा है। विनेश ने किसी भी दल व नेता का नाम लिए बगैर कहा कि उन्होंने प्रचार किया कि मैं नेशनल नहीं खेलना चाहती लेकिन मैने नेशनल खेला। फिर कहा गया कि मैं ट्रायल नहीं देना चाहती तो मैंने ट्रायल भी दिया। फिर कहा गया कि ओलंपिक नहीं जाना चाहती लेकिन मैं ओलंपिक में भी गई। विनेश ने कहा कि बजरंग पर डोप के आरोप लगाए गए आज भी कोर्ट में लड़ाई जारी है। उन्होंने कहा कि जैसे उन्होंने खेलों में हार नहीं मानी वैसे ही इस मोर्चे पर भी हार नहीं मानेंगी और यह लड़ाई मजबूती के साथ लड़ेंगी।
इस अवसर पर कांग्रेस में शामिल होने पर दोनो खिलाडिय़ों का स्वागत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान ने कहा कि यहां उन्हें उचित मान सम्मान दिया जाएगा। विनेश और बजरंग के कांग्रेस में शामिल होने से कांग्रेस को प्रदेश में मजबूती मिली है। कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा कि देश को एक मूवमेंट देने के लिए ये लोग नए मैदान में उतरे हैं। भाजपा अगर सच में खिलाडिय़ों की हितेषी होती तो किरण चौधरी की जगह विनेश को राज्यसभा में भेज देते। उन्होंने स्वीकार किया कि विनेश फौगाट ने चुनाव लडऩे की इच्छा जताई है जबकि बजरंग संगठन के लिए काम करना चाहते हैं। पार्टी हाईकमान इस पर विचार करके अंतिम निर्णय लेगी।