चंडीगढ़ | हरियाणा के चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसी सूरत में आम आदमी पार्टी के साथ विधानसभा चुनाव में गठबंधन करने को तैयार नहीं हैं। राहुल गांधी चाहते हैं कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठजोड़ जरूरी है। कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और अब बीरेंद्र सिंह आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर राहुल गांधी की राय से सहमत बताए जा रहे हैं। गठबंधन का विरोध कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी राय से अवगत करा दिया है।
कांग्रेस नेताओं के बीच चल रहे इस झगड़े का असर यह हुआ कि शुक्रवार को समाजवादी पार्टी ने स्वयं को अलग कर लिया है। कांग्रेस के साथ गठबंधन में आम आदमी पार्टी भी मुस्लिम व यादव बाहुल्य सीटें मांग रही थी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी एक से दो सीटों पर अपनी दावेदारी जताई थी। आम आदमी पार्टी राज्य में 10 सीटें मांग रही है, जबकि कांग्रेस चार से पांच सीटें देने को तैयार हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा इन चार-पांच सीटों को देने पर भी राजी नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन हुआ था। कांग्रेस ने नौ और आम आदमी पार्टी ने एक कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा था। आम आदमी पार्टी यह सीट हार गई थी, जबकि कांग्रेस ने नौ में से पांच लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज कराई थी। आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस समय जेल में हैं।
भूपेंद्र हुड्डा किसी सूरत में गठबंधन के हक में नहीं, सोनिया को अपनी राय से कराया अवगत, अखिलेश यादव ने पोस्ट कर कहा, बात दो चार सीट की नहीं जीत की है
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि लोकसभा चुनाव में आइएनडीआइए गठबंधन ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन विधानसभा के चुनाव में ऐसे किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है। हुड्डा हरियाणा में समाजवादी पार्टी को भी कोई सीट देने के हक में नहीं हैं। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स हेडिंल पर पोस्ट कर कहा कि हम हरियाणा के हित के लिए बड़े दिल से, हर त्याग-परित्याग के लिए तैयार हैं। अखिलेश की इस पोस्ट के बाद साफ हो गया है कि समाजवादी पार्टी हरियाणा में सीधे चुनाव लडऩे की बजाय गठबंधन के तहत कांग्रेस की मदद करेगी।
अखिलेश यादव ने कहा है कि हरियाणा चुनाव में ‘आइएनडीआइए’ की एकजुटता नया इतिहास लिखने में सक्षम है। हमने कई बार कहा है और एक बार फिर दोहरा रहे हैं व आगे भी दोहराएंगे कि ‘बात सीट की नहीं जीत की है’। हरियाणा के विकास व सौहार्द की विरोधी ‘भाजपा की नकारात्मक, सांप्रदायिक, विभाजनकारी राजनीति’ को हराने में ‘इंडिया एलायंस’ की जो भी पार्टी सक्षम होगी, हम उसके साथ अपने संगठन और समर्थकों की शक्ति को जोड़ देंगे। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि बात दो-चार सीटों पर प्रत्याशी उतारने की नहीं है, बात तो जनता के दुख-दर्द को समझते हुए उनको भाजपा की जोड़-तोड़ की भ्रष्टाचारी सियासत से मुक्ति दिलाने की है।