चंडीगढ़। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आयोजित हुए राज्य स्तरीय दलित सम्मान स्वाभिमान समारोह में उमड़ी भीड़ से भाजपा पूरी तरह से उत्साहित है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के समक्ष दलितों ने भाजपा की हैट्रिक का संकल्प लिया। इसके सथ ही दलितों ने कांग्रेस के संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने के फेक नेरेटिव (झूठी कहानी) का जवाब देने की भी हुंकार भरी।
महाभारत की धरा पर आयोजित हुए दलित स्वाभिमान समारोह में प्रदेश के कोने-कोने से दलित पहुंचे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साढ़े 9 साल के कार्यकाल की जनहितैषी नीतियों का समर्थन किया। भीड़ से पंडाल खचाखच भरा देखकर विरोधियों के हौसले पस्त हैं। भीड़ का आलम यह था कि पंडाल में पैर रखने की जगह नहीं बची थी और राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया था। पुलिस को व्यवस्था बनाने में खूब मशक्त करनी पड़ी। अहम पहलू यह भी था कि प्रदेश के हर कोने से पहुंची भीड़ साबित कर दिया कि दलित अब कांग्रेस के झूठ के झांसे में नहीं फसेंगे।
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से दलितों ने लिया भाजपा की हैट्रिक का संकल्प, कांग्रेस के संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने के सवाल का जवाब देने की तैयारी
दलित सम्मान स्वाभिमान समारोह के संयोजक सुदेश कटारिया का कहना है कि महाभारत की धरा संत शिरोमणि रविदास मेमोरियल स्थल पर ऐतिहासिक दलित सम्मेलन का आयोजन हुआ। प्रदेश के कोने-कोने से दलित समाज भाजपा को तीसरी बार सत्ता में लाने का समर्थन देने पहुंचे। वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दलितों के उत्थान को लेकर ऐतिहासिक काम किया हैं। अंत्योदय उत्थान के तहत दलितों को आत्मनिर्भर बनाया गया तो मिशन मेरिट से सबसे ज्यादा दलितों के युवाओं को नौकरी मिली।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा दलितों का शोषण करने के साथ संविधान का अपमान किया है। कांग्रेस संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने के नाम पर दलितों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। आजादी के बाद से लेकर 55-60 सालों के राज में कांग्रेस ने दलितों के साथ भेदभाव किया है और संविधान की मूलभावनाओं से छेड़छाड़ की है।
भाजपा नेता सुदेश कटारिया ने कहा कि कांग्रेस राज में नेताओं के सगे सम्बधियों को नौकरी मिलती थी। यही नहीं धौलकपड़िया गैंग नेताओं के इर्द-गिर्द घूमता रहता था। मगर जब वर्ष 2014 में मनोहर लाल ने प्रदेश की कमान संभाली तो उन्होंने सबसे पहले पर्ची-खर्ची का सिस्टम खत्म करते हुए मिशन मेरिट लागू किया, जिससे दलित परिवारों के युवाओं का एचसीएस बनने का सपना साकार हुआ। यही नहीं जिस राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस राज में करोड़ों की बोलियां लगती थी, उस परिपपाटी को खत्म किया और दलित समाज से जुड़े कृष्ण पंवार को राज्यसभा में भेजा।