चंडीगढ़,23 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । फतेहाबाद की एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पुलिस की तरफ से स्टेटस रिपोर्ट दायर न करने पर तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त प्रभावशाली नेता के रिश्तेदार हैं, इसलिए जांच सही दिशा में नहीं की जा रही है। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि वह बुधवार को जांच की स्टेटस रिपोर्ट और पीडि़ता तो पेश करे। अभियुक्त भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के कुनबे का है और रिश्ते में उनका भतीजा लगता है।
याची ने अपनी याचिका में कहा है कि 21 मई को उसे कुलदीप बराला और विक्रम बराला उसे टोहाना के होटल में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को बताया तो उसको व उसके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। पुलिस ने पहले तो केस नहीं दर्ज किया, जब याची का परिवार परिवार और गांव के लोग सड़कों पर उतरे तो पुलिस ने एफआइआर दर्ज की।
बाद में पुलिस ने सुभाष बराला के राजनीतिक रसूख के कारण याची को बयान बदलने पर मजबूर कर दिया। उससे बयान दिलाया गया कि वह मर्जी से पारिवारिक समस्या के कारण घर छोड़ कर गई थी। उसका अपहरण नहीं हुआ था। याची के अनुसार पुलिस ने न्याय न मिलने के कारण उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उसकी मांग है कि जांच किसी अन्य एजेंसी से कराई जाए।