चंडीगढ़,06 अक्तूबर (न्यूज अपडेट इंडिया ) । हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंचकूला हिंसा के लिए एक बार फिर से खट्टर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि इन दंगों की जांच के लिए आयोग का गठन किया जाए। आयोग की स्वतंत्र जांच से ही इस हिंसा की असल तस्वीर जनता के सामने आएगी। यही नहीं हुड्डा ने यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह को इस आयोग को सहयोगी नियुक्त करने की भी वकातल की।(SUBHEAD)
आज यहां पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि अगर पंचकूला दंगों की जांच के लिए भाजपा सरकार आयोग नहीं बनाती है तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर आयोग के जरिए पूरे प्रकरण की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचकूला दंगा टाला जा सकता था। सरकार को यह भी साफ करना चाहिए कि पिछले तीन साल के दौरान डेरा प्रकरण समेत अन्य कारणों से कितने लोगों की मौत पुलिस गोली से हुई। संभव है कि पंचकूला दंगे में बेकसूर लोग भी मारे गए हों। इन सब बातों की जांच आयोग करे तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
पंचकूला दंगों पर बीजेपी सरकार पर बरसते हुए हुड्डा ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें हनीप्रीत ने कहा था कि, 25 अगस्त को उन्हें सुबह आकर शाम को वापस जाने की उम्मीद थी। हुड्डा ने इसके मायने निकालते हुए सवाल उठाया कि जिस समय चुनाव हुए थे, उस समय डेरे और बीजेपी में क्या सौदा हुआ था। हनीप्रीत का बयान दर्शाता है कि कोई न कोई समझौता अंदरखाने बाबा और बीजेपी के बीच हो रखा था। यह शक के बिंदू हैं और इसकी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस लिए इस पूरे मामले में कमीशन बैठेगा तो पोल खुल जाएगी।
हुड्डा ने कहा कि पंचकूला दंगे में सरकार की साजिश की बू आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर धारा 144 लागू होने के बावजूद इतने सारे लोग पंचकूला में कैसे इक_े हो गए।
हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा हनीप्रीत प्रकरण में पंजाब पुलिस पर दोषारोपण पर पंजाब सरकार का बचाव करते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों पर न फोड़े। उन्होंने कहा कि मनोहरलाल ने दाल में कुछ काला होने की बात कही है लेकिन, सारे घटनाक्रम को देखें तो सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर किसने हनीप्रीत को हैलीकॉप्टर में भेजा। हनीप्रीत के राजस्थान में होने की बात सामने आ रही है। वहां भी भाजपा की सरकार है। हुड्डा ने परोक्ष रूप से कहा कि भाजपा सरकार आज भी डेरा मुखी को बचाने में जुटी हुई है।
हरियाणा में हुआ बिजली खरीद घोटाला
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने सरकार पर बिजली खरीद तथा मीटर खरीद घोटाला करने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाए जाने की मांग की। हुड्डा ने हाइड्रो प्रोजैक्ट पर रेगुलेट्री कमीशन के चेयरमैन का डाइसेंट्री नोट पढ़ते हुए घोटालों का ठीकरा मुख्यमंत्री मनोहरलाल पर फोडऩे की कोशिश की। हुड्डा ने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जाती है लेकिन, ऐसा पहली बार हुआ जब एक कंपनी को ही उपकृत कर दिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और यह बात खुद बीजेपी की मीटिंगों में उठाई जा रही है।