चंडीगढ़। हरियाणा पुजारी पुरोहित एकता मंच ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आग्रह किया है कि प्रदेश के पुजारियों व पुरोहितों के कल्याण की नई योजनाएं धरातल पर लागू की जाएं। पुजारी पुरोहित एकता मंच ने प्रदेश सरकार के उस फैसले की सराहना की, जिसके तहत हरियाणा अर्चक पुजारी धार्मिक पेशेवर कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है, लेकिन इस बोर्ड के अभी तक काम चालू नहीं करने तथा इसमें होने वाली नियुक्तियों के लंबित रहने से पुजारियों व ब्राह्मणों में नाराजगी बनी हुई है।
हरियाणा पुजारी पुरोहित एकता मंच ने कल्याण बोर्ड में नियुक्तियों का बनाया दबाव
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पुजारियों व पुरोहितों की समस्याओं के निवारण हेतु इस बोर्ड के गठन की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जारी कराई। मगर अभी तक बोर्ड में पदाधिकारियों की नियुक्तियां नहीं की गई हैं, जिस कारण बोर्ड के गठन का पुजारियों व पुरोहितों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। हरियाणा पुजारी पुरोहित एकता मंच के अध्यक्ष डा. रामराज कौशिक (कुरुक्षेत्र) ने बोर्ड में नियुक्तियों की मांग दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में जितनी भी कर्मकांड और ज्योतिष सिखाने वाली पाठशालाएं हैं, उनको बोर्ड की तरफ से पंजीकृत किया जाए और महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय से जोड़ा जाए, ताकि कर्मकांड और ज्योतिष सीखने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और डिग्री प्रदान की जा सकें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेजकर एक दर्जन सुझाव दिए
डॉ.रामराज ने पुजारी और पुरोहितों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आयुष्मान कार्ड का लाभ देने, संस्कृत कर्मकांड पढ़ने और कर्मकांड पढ़ाने वाले पुरोहितों, पुजारियों और विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने तथा राज्य के सभी 6302 मंदिरों को ऑनलाइन करने की भी मांग की है, ताकि पंजीकृत पुजारियों और पुरोहितों की वास्तविक संख्या का पता चल सके। पुजारी पुरोहित एकता मंच ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड में विद्वान ब्राह्मण और ज्योतिषी की नियुक्ति की जरूरत बताते हुए कहा कि समय-समय पर लगने वाले मेले, त्योहार, गीता जयंती, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का सही समय निर्धारित करने में मदद मिल सकेगी।