चंडीगढ़। हरियाणा सरकार किसानों के हित में लगातार घोषणाएं करती जा रही है। गुरुवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों को खरीफ फसलों पर दो हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से बोनस देने का फैसला लिया गया। इसके लिए सरकार ने पोर्टल पर 15 अगस्त तक आवेदन भी मांग लिए हैं।
मंत्रिमंडल की बैठक में दी मंजूरी
एमएसपी से अलग मिलेगी बोनस की राशि
फल,सब्जियों,बागवानी किसानों को मिलेगा बोनस
15 अगस्त तक फसलों का पंजीकरण करा लें किसान
खरीफ की फसलों पर बोनस की यह राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अलग मिलेगी। पूरे खरीफ सीजन में किसानों को करीब 1300 करोड़ रुपये का बोनस दिया जाएगा। सरकार ने यह फैसला कम बारिश के कारण फसल लागत मूल्य बढऩे के कारण लिया है।
खरीफ की 14 प्रमुख फसलों में धान, कपास, मक्का, बाजरा, ज्वार, ग्वार, मूंग, मूंगफली, गन्ना, जूट, अरहर, सूरजमुखी, तिल और सोयाबीन की प्रमुख फसलें आती हैं। इनका बिजाई सीजन जून से जुलाई तक होता है। प्रदेश सरकार उन किसानों को भी दो हजार रुपये प्रति एकड़ बोनस प्रदान करेगी, जिनके पास एक एकड़ से कम जमीन है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े फैसले ले रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार ने किसानों की समस्या को बारीकी से समझा और महसूस किया है। इसलिए सरकार ने किसानों को खरीफ के सीजन में पैदा होने वाली फसलों के साथ-साथ इसी सीजन में आने वाले फल, फूल और सब्जियों पर भी दो हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से बोनस देने का निर्णय लिया है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे 15 अगस्त तक मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण करा लें, ताकि उन्हें बोनस का लाभ प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी ना आए। पिछले सप्ताह सरकार ने 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने तथा नहरी पानी का शुल्क माफ करने का फैसला लिया था।