गुरुग्राम। हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक डॉ. रणदीप पूनिया ने नागरिक अस्पताल सेक्टर-10 का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आदेश दिए कि सभी विशेषज्ञ आपातकालीन विभाग में नियमित रूप से रोजाना राउंड लेंगे। आईपीडी फाइल में विस्तृत नोट्स भी बनाएंगे। आईपीडी फाइल में सभी कॉलम डॉक्टरों द्वारा भरे जाएंगे। कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाएगा। इसमें किसी भी तरह से कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
शनिवार को महानिदेशक डा. रणदीप सिंह पूनिया के साथ दौरे में सिविल सर्जन डा. विरेंद्र यादव, प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. जयमाला, अन्य वरिष्ठ डॉक्टर और मैट्रन व अन्य स्टाफ शामिल रहे। उन्होंने पीएमओ को स्त्री रोग और हड्डी रोग विभाग में लगातार आने वाली रोगियों की शिकायतों पर गौर करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामले को जल्द से जल्द निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने हड्डी रोग विशेषज्ञों को फ्रेक्चर के मामलों में पीओपी का इस्तेमाल करने को कहा। जब जरूरत हो, तभी सर्जरी करने के निर्देश दिए।
महानिदेशक ने कहा कि डीआरपी छात्रों को भी भर्ती मरीजों को 24&7 गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए रोजाना राउंड लेना चाहिए। डायग्नोस्टिक ब्लॉक राउंड के दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट को मरीजों के मोबाइल पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। बायोप्सी की संख्या बढ़ाई जाए। ईएनटी सर्जन नियमित आधार पर पॉलीप हटाने की सर्जरी करें और ऐसे मरीजों को हायर सेंटर में रेफर न करें। साथ ही निकाले गए पॉलीप्स को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा जाए। एफएनएसी का परीक्षण पैथोलॉजिस्ट द्वारा नहीं, बल्कि उपचार करने वाले डॉक्टर द्वारा किया जाए। क्योंकि केवल उपचार करने वाले डॉक्टर को ही पता होता है कि किस लिम्फ नोड/क्षेत्र से एफएनएसी की आवश्यकता है। मैट्रन द्वारा प्रतिदिन साफ लिनन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के डस्टबिन को समय पर खाली किया जाए। एचकेआरएन सुपरवाइजर और मैट्रन द्वारा प्रतिदिन सुनिश्चित किया जाए।
ओपीडी ब्लॉक में राउंड के दौरान उन्होंने कहा कि सभी आईईसी साइनेज हिंदी में होने चाहिए, ताकि आम नागरिक संदेश को स्पष्ट रूप से समझ सकें। पीपीसी में कार्यरत सभी एएनएम को, फार्मासिस्टों को ई-वीआईएन प्रणाली में प्रशिक्षित किए जाने की बात कही। अस्पताल में सभी स्टाफ सदस्यों को ड्रेस कोड के अनुसार एप्रन पहनना सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल प्रशासन को एसएमओ प्रभारी के साथ समन्वय में सुधार करना चाहिए, ताकि मोतियाबिंद सर्जरी के लिए भेजे गए मरीज छूट न जाएं।
डेंटल ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
स्वास्थ्य महानिदेशक ने पीएमओ को नेत्र ओपीडी के साथ में ऑप्टोमेट्रिस्ट रूम को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। डेंटल ओपीडी राउंड के दौरान उन्होंने डेंटल सर्जनों को ओपीडी में जांचे जाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। क्योंकि प्रतिदिन 15-20 मरीज/डेंटल सर्जन के पास पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने डेंटल सर्जनों को ल्यूलोप्लाकिया रोगियों को एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही राज्य आपूर्ति में उपलब्ध न होने पर स्थानीय स्तर पर इसे खरीदने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. रणबीर सिंह पूनिया ने स्त्री रोग ओपीडी में दृष्टिबाधित लड़कियों द्वारा प्रतिदिन ओपीडी में आने वाली महिला रोगियों की जांच के दौरान स्तन गांठ का पता लगाने के लिए चलाए जा रहे सवेरा प्रोजेक्ट की सराहना की।