चंडीगढ़ । हरियाणा पुलिस द्वारा महिला विरूद्ध अपराधों को रोकने के लिए किए गए प्रयासों से परिणामस्वरूप महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। यह उपलब्धि हरियाणा में कानून प्रवर्तन में सुधार और महिलाओं के लिए एक मजबूत सुरक्षा नेटवर्क को दर्शाती है।
पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अगस्त-2023 में हरियाणा पुलिस में अपना कार्यभार संभालने उपरांत महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बनाया। इसे लेकर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए महिलाओं को भयमुक्त करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। इस दौरान महिलाओं के घर से बाहर निकलने से लेकर देर रात्रि सुरक्षित पहुंचने के लिए विश्लेषण किया गया। इसी क्रम में पुलिस आयुक्तों तथा पुलिस अधीक्षको को आदेश दिए गए कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में हॉटस्पॉट तथा हॉट रूट की पहचान करें। इन रूटों पर पुलिस की टीमें तैनात की गई ताकि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालो तथा आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इन मार्गों पर पुलिस की टीमों द्वारा सामान्य वेशभूषा में ड्यूटी दी जाती है। इसके अलावा, विद्यालयांे, महाविद्यालयों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों के पास भी टीमों को तैनात किया जाता है ताकि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले। उन्होंने बताया कि महिला विरुद्ध अपराध को रोकने के लिए गुरुग्राम पुलिस द्वारा महिला अधिकारियों के समूह को भी प्रशिक्षित किया गया ताकि वे शिक्षण संस्थानों में जाकर लड़कियों तथा महिलाओं के साथ संवाद कर सके और उनकी समस्याओं को करीब से जान सके।
महिला विरूद्ध अपराध करने वालों पर सख्ती
इसके अलावा, गांवों व वार्डों में ग्राम प्रहरियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में महिलाओं के साथ अत्याचार करने वाले लोगों की पहचान करें और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रदेश में महिलाओं के साथ किए गए अपराध की सजा काटने वाले अपराधियों के जेल से बाहर आने पर पीड़ित महिला से फीडबैक भी लिया जाता है कि अपराधी द्वारा उसे दोबारा परेशान तो नही किया जा रहा है अथवा नही। यदि ऐसा संज्ञान में आता है तो उचित कार्यवाही की जाती है।
विस्तृत अपराध सांख्यिकी’
हरियाणा पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा को लेकर किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए। आंकड़े सांझा करते हुए कपूर ने बताया कि वर्ष 2022 और 2023 के बीच तुलना करने से पता चलता है कि दुष्कर्म के मामलों में वर्ष-2023 की तुलना में वर्ष-2024 में 12.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसी प्रकार, 30 जून 2024 तक दुष्कर्म के प्रयासों में 60.28 प्रतिशत तथा छेड़छाड़ के मामलों में 27.21 प्रतिशत की कमी आई। इसके अलावा, पिछले साल की तुलना में इस साल पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किए गए मामलों में 6.46 प्रतिशत की कमी के साथ साथ दहेज हत्याओं के मामलों में भी 25.23 प्रतिशत की कमी आई है।