गुरुग्राम । पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या करने और संविधान को बार-बार नुकसान पहुंचाने का पाप किया है। आपातकाल को भारत के लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर नागरिकों को मूलभूत अधिकारों से वंचित किया था। बिना अपराध किए और बिना कोई गलती किए 1 लाख 40 हजार लोगों को कांग्रेस की सरकार ने जेलों में ठूंस-ठूंस कर भर दिया। इंदिरा गांधी ने लोकतांत्रिक देश में भारत माता को शर्मशार करने का पाप किया। यह बातें मंगलवार को पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गुरुग्राम स्थित पार्टी कार्यालय गुरुकमल में आपातकाल की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। इस मौके पर कैप्टन अभिमन्यु ने लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम को लोकतंत्र सेनानी के संगठन के अध्यक्ष महावीर भारद्वाज, मेजर अतुल देव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कमल यादव ने की।
कैप्टन अभिमन्यु ने कांग्रेस पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी में प्रधानमंत्री बनने की कोई योग्यता नहीं थी। जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बना दिया गया। अपने पिता के नाम पर इंदिरा गांधी भारत की सत्ता पर काबिज हो गई। 1971 के चुनाव में राजनारायण ने इंदिरा गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। चुनाव में धांधली के कारण राजनारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में यचिका दायर की। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जयनारायण को विजयी और इंदिरा गांधी का चुनाव निरस्त कर दिया। इंदिरा गांधी को लगा अब सत्ता खिसकने वाली है तो रातोरात देश पर आपातकाल थोप दिया।
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कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों को प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 1 लाख 40 हजार लोगों को पकड़-पकड़ कर जबरदस्ती जेलों में ठूंस दिया। तिहाड़ जेल की बैरक में जहां 1200 लोगों की क्षमता थी वहां पर 3500 लोगों को भर कर जो प्रताड़ना दी गई उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। पूर्व मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद संविधान का दुरुपयोग करते हुए तमाम अधिकारों को समाप्त कर दिया गया। दो सालों तक कांग्रेस की जुल्म और सितम की कहानी चलती रही। 1977 तक पूरे देश को सामान्य अधिकारों से वंचित रखा रखने का पाप अगर किसी ने किया है तो कांग्रेस ने किया है।
कांग्रेस नेताओं को घेरते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि इंदिरा गांधी के नाम की पार्टी के लोग सामान्य परिवार से आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे लोकप्रिय नेता पर सवाल खड़ा करते हैं। ये वही परिवारवादी लोग हैं जो आपातकाल के पाप के भागीदार रहे हैं। देश और संविधान को खतरे में बताने का झूठा नेरेटिव चला रहे हैं। दलितों का आरक्षण खत्म करने का दुष्प्रचार कर रहे हैं।
कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसने 75 बार संविधान में संशोधन किया। धारा 356 के माध्यम से चुनी गई सरकारों को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने करने वाली भी कांग्रेस है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 90 बार चुनी गई राज्य सरकारों को बर्खास्त करने का घोर पाप किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 साल के शासन के दौरान एक भी राज्य के खिलाफ अनुच्छेद 356 का प्रयोग नहीं किया गया।
भाजपा के कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि अब कार्यकर्ताओं का धर्म बनता है कि वे समाज के अंदर चेतना जागृत करने का काम करें। कांग्रेस की सच्चाई जनता के सामने लेकर आएं और कांग्रेस के काले इतिहास की कलई खोलें। जनता को बताएं कि कांग्रेस सनातन को गाली देने वाली पार्टी है। संविधान को खतरे में बताकर लोगों को बरगलाने वाली पार्टी है। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जिस तरह से लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल में योजनाएं झेलते हुए कांग्रेस के अत्याचारो का सामना किया था उसी तरह कार्यकर्ता भी कांग्रेस के नेरेटिव का लोकतंत्र सेनानियों की तरह डंटकर मुकाबला करें।