चंडीगढ़। ईंट-भट्ठों के श्रमिकों के बच्चों को शिक्षण केंद्रों पर ठंडा पानी मिलेगा। यही नहीं शिक्षण केंद्रों पर दरियां और फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था होगी। इसी कड़ी में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हरियाणा रेडक्रास सोसायटी की ओर से मुहैया करवाए गए कैंपर, दरी और फर्स्ट एड बॉक्स के ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्कूल नहीं जाने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए प्रदेशभर में 1125 विशेष शिक्षण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां पर यह सामग्री पहुंचेगी।
राज्यपाल ने कहा कि देश में कुछ समुदाय हाशिये पर खड़े हैं, जोकि रोजी-रोटी कमाने के लिए रोजगार की तलाश में प्रवासी का जीवन जीने पर मजबूर हैं। हरियाणा में ऐसे प्रवासियों के बच्चों को शिक्षित करने की ओर कदम बढ़ाया गया है। हरियाणा सरकार की ओर से ऐसे बच्चों के लिए राजकीय विद्यालयों में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया है। यही नहीं हरियाणा सरकार नें ‘आउट ऑफ स्कूल बच्चों’ को प्रशिक्षित करने के लिए ‘कदम’ नामक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करवाया है व इनके लिए विशिष्ट प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए गये हैं। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में हरियाणा में 28,139 बच्चे चिन्हित करके केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रबंध पोर्टल पर दर्ज किए गए व ऐसे बच्चों के लिए सरकारी स्कूल परिसरों में या उनके आस पास 1125 विशिष्ट प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए गए। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में भी शिक्षा से वंचित 6 से 14 वर्ष के 31,068 के बच्चों को चिन्हित किया गया है जिनके लिए विशिष्ट प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर खेल राज्यमंत्री संजय सिंह, पूर्व गृह मंत्री अनिल विज, हरियाणा रेडक्रास सोसायटी की वाइस चेयरपर्सन सुषमा गुप्ता, राज्य महासचिव डॉ. मुकेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव अनिल कुमारी जोशी, रविंद्र कुमार, संजीव धीमान, विजय कुमार और सर्वजीत सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।