चंडीगढ़ । मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि हरियाणा प्रदेश के 16 लाख किसानों के खाते में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मात्र एक क्लिक से 335 करोड़ रूपए की राशि जमा करवाई है। यह राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 17वीं किश्त के रूप में जमा करवाई गई है। इस योजना से छोटी जोत वाले 80 प्रतिशत किसानों को फायदा मिल रहा है। इस राशि से किसान फसलों के लिए दवाई, बीज खरीद सकता है और इसके लिए अब किसानों को किसी के उपर निर्भर नहीं रहना पड़ता। अहम पहलू है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते ही अपनी पहली कलम से देश के 9 करोड़ 26 लाख किसानों के खाते में 20 हजार करोड़ रूपए की राशि जमा करवाई गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह मंगलवार को एनडीआरआई करनाल के सभागार में कृषि तथा किसान कल्याण विभाग हरियाणा, कृषि विज्ञान केन्द्र व एनडीआरआई के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 17वीं किश्त जमा करवाने करने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसके बाद वाराणसी उतर प्रदेश से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 9.26 करोड़ किसानों के खाते में 20 हजार करोड़ रूपये की राशि जमा करवाई। इसमें से हरियाणा प्रदेश के 16 लाख किसानों के खाते में 335 करोड़ रूपए की राशि जमा हुई है। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उद्बोधन भी सुना। इसके उपरांत मुख्यमंत्री नायब सिंह ने एनडीआरआई के सभागार में संकेतिक रूप में 10 कृषि सखियों को प्रणाम पत्र भेंट किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के करोड़ों किसानों को हर वर्ष प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों रूपये की सौगात देने पर आभार व्यक्त किया। सैनी ने निर्जला एकादशी की प्रदेश वासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समय समय पर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, भावातंर भरपाई योजना सहित विभिन्न लाभकारी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अढाई एकड़ वाले किसानों की चिंता करते हुए प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना को अमलीजामा पहनाया और इसी योजना के तहत देश के 9 करोड़ 26 लाख किसानों के खाते में एक कलम से 20 हजार करोड़ रूपए की राशि जमा करवाई है। इसी राशि में से प्रदेश के 16 लाख किसानों के खाते में 335 करोड़ की राशि जमा की गई है।
सीएम सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए वर्ष 2014 से अब तक फसलों के खराबे पर मुआवजे के रूप में 12 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि सीधा किसानों के खाते में जमा करवाई जबकि पिछली सरकारों ने वर्ष 2000 से लेकर 2014 तक केवल 1100 करोड़ रूपये का मुआवजा किसानों को दिया। सरकार ने डीएपी और यूरिया खाद की कालाबाजारी और लंबी लंबी लाईनों को समाप्त करने का काम किया। वर्ष 2022-23 में अन्तर्राष्ट्रय स्तर पर डीएपी और यूरिया के दाम बढऩे के बावजूद सरकार ने कैबिनेट में यूरिया और डीएपी के दामों की भरपाई सरकार के स्तर पर करने का फैसला लिया और किसानों को केवल 1200 रूपये प्रति थैला ही देना पड़ा। इतना ही नहीं प्रदेश सरकार ने 14 फसलों पर एमएसपी देने का काम किया।