चंडीगढ़। प्रदेश में युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने के बाद सरकार ने उद्योगों के पंजीकरण का अभियान शुरू कर दिया है। जिसमें उनका पूरा ब्यौरा जुटाया जाएगा। करीब एक साल तक पोर्टल खुला रखने पर भी महज 16 हजार उद्योगपतियों ने स्वेच्छा से पंजीकरण करवाया है।
सोमवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक संगठनों तथा उद्योगपतियों के साथ कई चरणों की बैठक के बाद निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण का कानून लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कानून को धरातल पर लागू करने से पहले सरकार ने एक पोर्टल खोलकर उद्योगपतियों को अपील की थी कि वह उद्योग का पूरा ब्यौरा तथा उनके यहां की नौकरियों का ब्यौरा अपलोड करें। इसके बावजूद केवल 16 हजार उद्योगपतियों ने ही सरकारी पोर्टल पर स्वेच्छा से पंजीकरण करवाया है। जिसके चलते सरकार ने अपने स्तर पर सर्वे शुरू करवा दिया है।
उन्होंने बताया कि फरीदाबाद, यमुनानगर, रोहतक तथा अंबाला में विभागीय टीमों द्वारा सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के माध्यम से मिलने वाली रिपोर्ट को सरकारी पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। दूसरे चरण में गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, धारूहेड़ा, बावल तथा झज्जर के उद्योगों का सर्वे किया जाएगा। दुष्यंत ने बताया कि फरीदाबाद से मिली रिपोर्ट में पता चला है कि यहां बहुत से उद्योग ऐसे हैं जो बगैर पंजीकरण के ही चल रहे हैं।
इस सर्वे के माध्यम से सरकार द्वारा सभी उद्योगों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। इससे न केवल उद्योगों के लिए नई पॉलिसी बनाने में लाभ मिलेगा बल्कि बेरोजगार युवाओं को उनकी रूची तथा कुशलता के आधार पर नौकरी मिल सकेगी।