चंडीगढ़। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट के तहत प्रदेश के सभी 140 खंडों में एक-एक उत्पाद को एमएसएमई के तहत जोड़ते हुए आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को मूर्त रूप सरकार की ओर से दिए जाने की योजना है।
सोमवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में बहुत जल्द ब्लाक स्तर पर एमएसएमई पार्क बनाए जाएंगे।
इससे न केवल छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि प्रदेश के सभी ब्लाकों में सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसके आधार पर प्रत्येक ब्लाक के लिए प्रोडक्ट तय किए जाएंगे। सरकार द्वारा हालही में आयोजित अफ्रीकन देशों के कान्क्लेव का हरियाणा को लाभ मिला है। कई देशों ने यहां अपने उद्योगों के विस्तार में दिलचस्पी दिखाई है।
एमएसएमई पार्कों के साथ ज्यादा से ज्यादा संख्या में महिलाओं को जोड़ा जाएगा। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा में मॉडल भवन विकसित किए जाएंगे और उनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए कॉमन वेयर हाऊस भी तैयार किया जाएगा जिसमें गांव की महिलाओं के उत्पादों को मार्केट से जोड़ा जाएगा।
डिप्टी सीएम ने बताया हाल ही में हरियाणा में 500 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रूपए की लागत से विकसित होने वाले इलेक्ट्रिकल पार्क की मंजूरी केंद्र सरकार की ओर दी गई है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 22 जिलों को वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना के लिए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा मंजूरी मिल गई है। उन्होंने बताया कि सभी 22 जिलों का कृषि, बागवानी, दूध, पोल्ट्री आदि क्षेत्र से संबंधित अपना उत्पाद शामिल किया गया है, जिसे सरकार द्वारा योजना के तहत आर्थिक और तकनीकी सहायता करके बढ़ावा दिया जाएगा।