चंडीगढ़। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एचएसएससी युवाओं की योग्यता व क्षमता पर कमत्तर आंक रहा है। उन्होंने पुलिस भर्ती के पेपर को लेकर गठबंधन सरकार को चुनौती दी कि पूरी कैबिनेट प्रशन-पत्र को हर करके दिखाए दे।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पुलिस भर्ती में ऐसे सवाल पूछे गए, जिन्हें डीजीपी और कोई आईपीएस स्तर के अधिकारी भी हल नहीं कर सकते हैं। जबकि आयोग की ओर से भर्ती विज्ञापन के मापदंड 12वीं पास है, तो प्रश्न-पत्र भी योग्यता के अनुरूप होना चाहिए।
सुरजेवाला ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल भर्ती के पेपर में हरियाणा से संबंधित सवाल भी नहीं पूछे गए और न ही पुलिस से जुड़े सवाल इसमें थे। हाल ही में जब हमने पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पुरुष) के 450 पदों में तीन परीक्षा केंद्रों में गड़बड़झाला उजागर किया तो पेपर कैंसल करने की बजाय उन तीन सेंटरों के लगभग 550 परीक्षार्थियों का पेपर दोबारा लिया गया।
सुरजेवाला ने कहा, कमाल यह है कि उनमें से 43 सब-इंस्पेक्टर सलेक्ट हो गए। फर्जी नौकरी भर्ती के रैकेट के घोटाले का एक और बड़ा पहलू भी उजागर हुआ। चहेतों को पैसे लेकर रोजगार लेने वाले व्यक्ति अपनी उत्तर पुस्तिकाएं (ओएमआर सीट) खाली छोड़ देते हैं ताकि बाद में सही जवाब मार्क किए जा सकें।
सार्वजनिक पटल पर यह सामने आया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं के पिछले तीन माह में 580 उत्तर पुस्तिकाएं (ओएमआर सीट) खाली मिलीं। अब ताजा मामला 5500 पुलिस कांस्टेबल (पुरुष) की भर्ती का है। इन पदों के लिए 8 लाख 39 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। इसके पेपर सुबह व शाम की शिफ्ट में लगातार तीन दिन यानी 31 अक्तूबर, पहली व 2 नवंबर को पेपर होंगे।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग सेंटर में अलग-अलग पेपर दिए गए। एकाध नहीं बल्कि आठ प्रश्न-पत्र बांटे गए। 31 अक्तूबर को सुबह व शाम की शिफ्ट में हुए पुलिस भर्ती के पेपर में अलग-अलग पेपर बांटना परीक्षार्थियों की भी समझ से बाहर है।