चंडीगढ़, 31 अक्टूबर। हरियाणा फिंगरप्रिंट ब्यूरो की टीम ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो दिल्ली में आयोजित 22वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट ब्यूरो निदेशक सम्मेलन में तीसरा स्थान हासिल किया है।
एनसीआरबी द्वारा आयोजित सम्मेलन नई दिल्ली में ऑनलाइन आयोजित किया गया था जिसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की और देश के वरिष्ठ पुलिस और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय अपराध रोकथाम के लिए राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट प्रणाली का उपयोग था।
हरियाणा के फिंगरप्रिंट ब्यूरो ने पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह दहिया की उपस्थिति में निम्नलिखित निकिता तोमर हत्याकांड में स्मार्ट फिंगरप्रिंट विज्ञान तकनीक का प्रदर्शन किया। हरियाणा फिंगरप्रिंट ब्यूरो ने इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के सभी राज्यों में तीसरा स्थान हासिल किया है।
निकिता हत्याकांड को सुलझाने के लिए अपराधी को अपराध से जोडने, पीडि़ता को न्याय दिलाने, अपराधी को सजा दिलाने के लिए हरियाणा फिंगर प्रिंट ब्यूरो प्रभारी इंस्पेक्टर प्रीतम सिंह फिंगरप्रिंट स्पेशलिस्ट, उनकी टीम एसआई नीलम, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ (सदस्य), एसआई करनैल सिंह, एफपी विशेषज्ञ (सदस्य), एएसआई राममेहर, विशेषज्ञ (फोटोग्राफर), एफपी टेक. ईएचसी विक्की रहे।
सर्वश्रेष्ठ फिंगरप्रिंट तकनीक को अपनाकर यह मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था। फिर भी, टीम ने इस जटिल मामले में कड़ी मेहनत की और विभिन्न तरीकों को अपनाकर सफल हुए। जिसके चलते माननीय न्यायालय ने पीडि़ता को न्याय देते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। डीजीपी हरियाणा पी.के. अग्रवाल ने टीम फिंगर प्रिंट ब्यूरो को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी।