चंडीगढ़। चंडीगढ़ फुटबाल एसोसिएशन के तत्वाधान में स्थानीय पुलिस लाइन में आयोजित किए जा रहे चंडीगढ़ पुलिस शहीद मैमोरियल ट्रॉफी के फाइनल मैच में हुई कांटे की टक्कर में लिबर्टी फुटबॉल क्लब ने एलई प्रोफैसर फुटबाल क्लब को हराकर ट्राफी पर कब्जा कर लिया। फाइनल मैच इस कदर फंसा हुआ था कि मैच 0-0 के बाद भी दो बार एक्स्ट्रा टाइम दिया गया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पधारे चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक प्रवीर रंजन तथा चंडीगढ़ फुटबाल एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट केपी सिंह ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से उन पुलिसकर्मियों को याद किया गया है जिन्होंने डयूटी के दौरान शहादत दी है।
डीजीपी ने इस आयोजन के लिए पुलिस कर्मचारियों, अधिकारियों तथा एसोसिएशन के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए।
चंडीगढ़ फुटबॉल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विकास शर्मा और उपाध्यक्ष एडवोकेट भूपेंद्र बूरा ने बताया कि इस अयोजन में कुल 22 टीमों ने भाग लिया।
शुक्रवार को हुए फाइनल मैच में लिबर्टी फुटबाल क्लब तथा एलई प्रोफैसर क्लब की टीमों में भिडंत हुई। पहले हाफ में मैच 0-0 की बराबरी पर रहा। जिसके बाद एक्स्ट्रा टाइम दिया गया। दूसरी बार एक्सट्रा टाइम दिए जाने पर लिबर्टी की टीम की तरफ से नवदीप ने 114 वें मिनट में गोल करके ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
इस अवसर पर बेस्ट अपकमिंग प्लेयर की ट्राफी ट्राईसिटी फुटबाल क्लब के जतिन को, बेस्ट गोलकीपर की ट्राफी लिबर्टी फुटबाल क्लब के अनीश, बेस्ट स्कोरर के लिए लिबर्टी के कुलबीर तथा एलई प्रोफैसर क्लब के खिलाड़ी गोल्डी को टूर्नामेंट के बेस्ट प्लेयर के रूप में सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर चंडीगढ़ पुलिस के डीआईजी ओमबीर सिंह, एसएसपी कुलदीप चहल, एसपी मुख्यालय समेत कई आला अधिकारी तथा चंडीगढ़ फुटबाल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे।