चंडीगढ़, 29 अक्टूबर। हरियाणा और अफ्रीका व्यापार व विकास के मामले में आपसी सहयोग कर भारत-अफ्रीका के संबंधों को और मजबूत बनाने में एक नया अध्याय लिखेंगे। यह बात हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शुक्रवार को आयोजित यहां हरियाणा-अफ्रीका कॉन्क्लेव सीरीज-एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कही।
इस कॉन्कलेव में हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री वी.मुरलीधरन, विदेश सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव योगन्द्र चौधरी तथा विभाग के महानिदेशक प्रेमनाथ पांडे सहित एक दर्जन से भी अधिक अफ्रीकी देशों के राजदूत उपस्थित थे। इन देशों में मेडागास्कर, तंजानिया, मॉरीशस, केन्या, युगांडा, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, मोजाम्बिक, घाना, बोत्सवाना, नाइजीरिया, मोरक्को, सेनेगल के राजदूत उपस्थित थे।
दत्तात्रेय ने कहा यह कि कॉन्कलेव भारत-अफ्रीका के संबंधों को और घनिष्ट बनाने तथा अफ्रीकी देशों को व्यापार वाणिज्य और पर्यटन के क्षेत्र में हरियाणा के साथ जोडऩे में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका के प्राकृतिक सम्बन्ध हैं और दोनो एक दूसरे के लिए बने हैं।
राज्यपाल ने कहा कि अफ्रीका और हरियाणा के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं, यह संबंध सभी स्तरों पर सतत और विकास के रूप में स्थापित हुए है। उच्च शिक्षा से लेकर कौशल विकास तक, आईटी सक्षम सेवाओं से लेकर खाद्यान्न विकास तक, हरियाणा अफ्रीका के साथ साझेदारी करने के लिए हर स्थिति में काम करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में व्यापार के क्षेत्र में भारत अफ्रीका का तीसरा सबसे बड़ा साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढक़र अब 77 अरब अमेरिकी डॉलर से भी अधिक हो गया है। इस प्रकार से भारत अफ्रीका में निवेश करने वाला पांचवा सबसे बड़ा देश भी है। इसमें हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान है।
दत्तात्रेय ने कहा कि हमें क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, ई-कॉमर्स, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि क्षेत्रों सहित आपसी जुड़ाव के लिए नए क्षेत्रों की खोज में कार्य करना है जिससे हम अपने मित्र देशों को और अधिक सशक्त बनाने में कामयाब होंगे।