चंडीगढ़, 29 अक्टूबर। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि डी.आर.डी.ओ. ने सामरिक क्षेत्र के लिए आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की नई तकनीकों को इजाद कर सुरक्षा की दृष्टि से देश व सेनाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाया है। यह बात दत्तात्रेय ने राजभवन में डी.आर.डी.ओ. के चेयरमैन जी.सतीश रेड्डी से बातचीत में करते हुए कही। चेयरमैन रेड्डी ने राज्यपाल दत्तात्रेय से शिष्टाचार मुलाकात कर डी.आर.डी.ओ. के कार्यक्रमों व गतिविधियों की जानकारी दी।
दत्तात्रेय ने कहा कि डी.आर.डी.ओ. पर देश को गर्व है। डी.आर.डी.ओ. ने विकास के साथ नई टेक्नोलॉजी से सुरक्षा उपकरण तैयार कर भारतीय सेनाओं को सशक्त किया। इस संगठन का देश के विकास के साथ-साथ देश की आर्थिक क्षेत्र में भी विशेष योगदान है। डी.आर.डी.ओ. की नई तकनीक विशेष रूप से निजी उद्योगों की सक्रिय भागीदारी से भारतीय सैन्य व आर्थिक क्षेत्र की ताकत बढ़ी है। यह देश को आत्मनिर्भर बनाती है।
इस मुलाकात के दौरान डी.आर.डी.ओ. के चेयरमैन जी.सतीश रेड्डी ने बताया कि डी.आर.डी.ओ. द्वारा इस समय एंटी ड्रोन तकनौलजी पर कार्य किया जा रहा है जिसका कार्य शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। इस टेक्नोलॉजी से तैयार मिसाइल ड्रोन को नष्ट करने में कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार डी.आर.डी.ओ. निजी उद्योगों के सहयोग से नई तकनीकों को विकसित कर उत्पादन बढ़ाने का काम करेगा। इसके लिए संगठन ने उद्योगों को अपने पेटैंट के लिए स्वतंत्र किया है।
रेड्डी ने कहा कि अनुसंधान, विकास व उत्पादन के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र का आर्थिक रूप से सहयोग किया जा रहा है। संगठन द्वारा एम.एस.एम.ई और बड़े उद्योगों को तकनीक देकर उत्पादन में हिजाफा किया गया है। इसके साथ-साथ दस करोड़ रूपये तक की सहायता देकर निजी क्षेत्र की कम्पनियों व एम.एस.एम.ई के तहत उद्योग भी स्थापित करवाएं जा रहे हैं। इन योजनाओं से देश रक्षा और अनुसंधान के मामलों में आत्मनिर्भर की ओर भारत आगे बढ़ेगा। इस मुलाकात में उनके साथ टी.बी.आर.एल. डी.आर.डी.ओ. चंडीगढ़ वैज्ञानिक एवं निदेशक प्रतीक किशौर, डी.आर.डी.ओ. डी.आई.बी.एस की निदेशिका डॉ.चंद्रिका कौशिक, विकास एवं अनुसंधान के सचिव के तकनीकी सलाहकार डॉ.एस.के. जोशी, डी.आर.डी.ओ. चेयरमैन के स्टाफ ऑफिसर अमित शर्मा व मनोज अठवाल भी उपस्थित थे।