कैथल, 25 सितंबर। हरियाणा के कैथल जिले के बुढ़ाखेड़ा गांव के सुल्तान झोटे का नाम प्रदेश में ही नहीं बल्कि पुरे देश में जाना जाता था, था हम इसलिए कह रहे क्योंकी सुल्तान अब हमारे बीच नहीं रहा। कुछ दिन पहले दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। कैथल केबुढ़ाखेड़ा गांव के सुल्तान ने कैथल का ही नहीं,बल्कि पूरे देश में हरियाणा का नाम रोशन किया था।
आपने सुल्तान मूवी वाले सुल्तान पहलवान को तो फिल्मों में देखा ही होगा,लेकिन हरियाणा में एक ओर सुल्तान था। ऐसा इसलिए बोल रहे हैं कि आज वो इस दुनिया में नहीं है। सुल्तान के सीमन से लाखों की कमाई होती थी। सुल्तान सालभर में 30 हजार सीमेन की डोज देता था, जो लाखों रुपये में बिकती थी। सुल्तान वर्ष 2013 में हुई राष्ट्रीय पशु सौंदर्य प्रतियोगिता में झज्जर, करनाल और हिसार में राष्ट्रीय विजेता भी रह चुका था। राजस्थान के पुष्कर मेले में एक पशु प्रेमी ने सुल्तान की कीमत 21 करोड़ रुपए लगाई थी, लेकिन नरेश ने कहा कि सुल्तान उसका बेटा है और बेटों की कोई कीमत नहीं हुआ करती। नरेश व उसके भाई सुलतान की देखभाल अपने बेटे की तरह ही करते थे।
सुल्तान के शौक किसी राजा महाराजा से कम नहीं थे,सुल्तान की खुराक सुनकर चौंक जाएंगे आप
सुल्तान रोजाना शाम को 100 मिलीग्राम स्कॉच पीता था। हर रोज अलग-अलग ब्रांड का स्कॉच दिया जाता था। भैंसा का मंगलवार को ड्राई डे होता है, यानी इस दिन वह शराब नहीं पीता था सुल्तान रविवार को टीचर्स, सोमवार को ब्लैक डॉग, बुधवार को 100 पाइपर, गुरुवार को बेलेनटाइन, शनिवार को ब्लेक लेबल या शिवास रिगल पीता था। रोजाना 10 किलो दाना और इतना ही दूध दिया जाता था। रोजाना करीब 35 किलो हरा और सूखा चारा,सुल्तान सेब और गाजर भी खाता था। सर्दियों में 15 किलो सेब और गर्मियों में 20 किलो गाजर खिलाया जाता था। रोजाना करीब 2500 रुपए का चारा सुल्तान को दिया जाता था।
सुल्तान जैसा, ना कोई था और ना शायद कोई होगा
मालिक नरेश का कहना है कि सुल्तान जैसा, ना कोई था और ना शायद कोई होगा उसी के वजह से आज पूरे उत्तरी हरियाणा में लोग हमें जानते हैं। मालिक नरेश ने सुल्तान को बचपन से पाला है। उसको अपने बच्चे की तरह लाड-दुलार दिया, लेकिन आज उसके चले जाने के बाद परिवार में एक कमी सी महसूस हो रही है। खाली खूंटा नरेश को दुखी करता है हर वक्त बस उसकी तस्वीर को निहारते रहते हैं। उसके अवार्ड देखते रहते हैं।
सुल्तान की दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत
पशु मेलों में तहलका मचाने वाले सुल्तान ने नरेश व उसके परिवार को इतना नाम दिलाया कि आज हर कोई इन्हें सुल्तान की वजह से ही जानता है। हर एक प्रतियोगिता में सुल्तान ने झंडे गाड़े हैं। यहां तक कि हरियाणा की म्यूजिक एलबम मे भी सुल्तान ने अपना रोल अदा किया है। नरेश का कहना है कि सुल्तान के चले जाने का दुःख इतना है कि उसकी याद दिल से जाती ही नहीं। अब कौशश करेंगे कि किसी को परवरिश देकर उसके जैसा बनाये, लेकिन उसकी कमी तो पूरी नही होगी। नरेश की आंखों के सामने ही सुल्तान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई जिसका दुख असहनीय है। उनकी मौत पर दुख जताने पशु प्रेमी दूर दूर से पहुंच रहे हैं।