चंडीगढ़, 22 सितम्बर। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बुधवार को औचक निरीक्षण के लिए चंडीगढ़ के सैक्टर-16 स्थित हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद् मुख्यालय पहुंचे। बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक मुख्यालय पहुंच कर उन्होंने सभी की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यालय के हर कमरे में जाकर कार्य प्रणाली का जायजा लिया।
कार्यालय के कर्मचारियों व अधिकारियों से भी बातचीत की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव अतुल द्विवेदी, परिषद् के महासचिव प्रवीन अत्री, परिषद् की उप प्रधान श्रीमती परिशा शर्मा व ओ.पी. मेहरा उपस्थित रहे। दत्तात्रेय ने कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों से कोरोना महामारी के चलते बच्चों को कईं प्रकार की समस्याओं को समाना करना पड़ा है।
जिला बाल कल्याण कन्द्रों में चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार की गतिविधियों से बच्चों को वंचित रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी बाल भवनों, मिनी बाल भवनों में लर्निंग फैसिलिटी के तहत बच्चों की रूचि अनुसार कौशलता व पूर्व प्रशिक्षण से संबंधित गतिविधियों को बढ़ाकर उनकी मेधा को विकसित करें।
इसके साथ-साथ पुनर्वास व काउसंलिग गतिविधियों को बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि बाल भवनों में बच्चों की लाईबे्ररी, क्राफ्ट सेंटर,संडे कोचिंग क्लासिस व रैगुलर क्लासिस नियमित रूप से चला कर बच्चों की प्रतिभा को और विकसित किया जा सकता है। उन्होंने अपने इस औचक निरीक्षक दौरे में भवन की साफ-सफाई, फाइलिंग, रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के मामले में परिषद् के सामने धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश सरकार के सहयोग से बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा।