चंडीगढ़। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि रेवाड़ी में एम्स तथा करनाल में एयरपोर्ट विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। किसान ऐसी 49 परियोजनाओं के लिए सरकार को जमीन देने के लिए राजी हो गए हैं।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सरकार द्वारा ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन ले रही है। जिसमें किसानों को नियमानुसार अदायगी की जा रही है। दुष्यंत ने बताया कि प्रदेश में किसान तथा अन्य भू-मालिक एयरपोर्ट विस्तार, नई अनाज मंडी, एसटीपी आदि के लिए जमीन दे रहे हैं।
जनवरी से लेकर अब तक सरकार द्वारा 49 परियोजनाओं के लिए 845 एकड़ जमीन ली जा चुकी है। जिसकी एवज में उन्हें 360 करोड़ रुपये की अदायगी की जा रही है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी में एम्स के लिए तीन दिन पहले ही किसान जमीन देने के लिए राजी हुए हैं। करनाल में एयरपोर्ट का विस्तार करने के लिए किसान 52 एकड़ जमीन देने के लिए तैयार हो गए हैं।
उन्होंने विपक्ष द्वारा नए भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर किए जा रहे प्रचार को निराधार करार देते हुए कहा कि फरीदाबाद को नोएडा के साथ जोडऩे के लिए पांच साल से ब्रिज बना हुआ है लेकिन सडक़ के अभाव में यह ब्रिज चालू नहीं हो सका है। अब किसान इसके लिए 40 एकड़ जमीन देने को राजी हो गए हैं। किसानों को वहां के दाम के अनुसार सरकार द्वारा 90 लाख से एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से अदायगी की गई है।
जींद में पीने वाले पानी की समस्या के समाधान हेतु सरकार के प्रोजैक्ट के लिए किसानों ने 46.9 एकड़ जमीन सरकार को दी है। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि सिरसा में नई अनाज मंडी का प्रोजैक्ट लंबे समय से अटका हुआ था। अब वहां के किसान स्वेच्छा से 56 एकड़ जमीन देने के लिए तैयार हो गए हैं।
सिरसा में बहुत जल्द नई अनाज मंडी बनेगी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार द्वारा आने वाले समय में भी परियोजनाओं के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन ली जाएगी। किसानों तथा जमीन मालिकों ने सरकार की इस प्रक्रिया को स्वीकार कर लिया है। मुद्दा विहीन विपक्ष इस समय केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है।