चंडीगढ़, 23 अगस्त। हरियाणा में कोरोना महामारी से हुई मौत के आंकड़ो की सच्चाई जानने के लिए प्रदेश सरकार हाई लेवल कमेटी का गठन करेगी। विभिन्न प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों की लापरवाही से हुई मौत का पता लगाने का मुख्य काम कमेटी के पास रहेगा।
कमेटी में कौन-कौन शामिल होगा, इसका फैसला सरकार करेगी। सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र में ऑक्सीजन की कमी से हुई कथित मौतों को लेकर पक्ष और विपक्ष में एक बार फिर सीधा टकराव हुआ।
सोमवार को नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सदन के नेता मनोहर लाल ने शुक्रवार को सदन को गुमराह किया है। मनोहर लाल ने कहा था कि प्रदेश में आक्सीजन से कोई मौत नहीं हुई है, लेकिन हमारे पास इसके प्रमाण हैं कि आक्सीजन की कमी से मौतें हुई हैं। उन्होने कहा मानवाधिकार आयोग ने ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत पर संज्ञान लिया था।
इसके बाद कमेटी बनी और जांच हुई। कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि इस रिपोर्ट में माना गया है कि ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान गई है। हुड्डा सदन में अपने साथ अखबारों की कटिंग लेकर पंहुचे थे। हुड्डा को टोकते हुए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि अखबारों की कटिंग से सदन में कोई बात नहीं कही जा सकती।
सदन तथ्यों के आधार पर चलता है। स्पीकर ने कहा कि यदि आक्सीजन की कमी से मौतें होने के तथ्य विपक्ष के पास हैं तो वह लेकर आए।
जवाबी हमले में सीएम ने हिसार के सोनी अस्पताल का जिक्र करते हुए कहा, इस अस्पताल में हुई मौतों को लेकर जांच करवाई गई। सरकार ने एसडीएम से न्यायिक जांच करवाई। एसडीएम की रिपोर्ट पढ़ते हुए सीएम ने कहा, रिपोर्ट में साफ है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही इसमें रही। इसके बाद सरकार ने नियमों के तहत डॉक्टरों के बोर्ड से इस मामले की जांच करवाई। इस रिपोर्ट में भी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही ही उजागर हुई। पलटवार करते हुए हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा था कि ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई।
पहले तो सीएम इसे टालते रहे, लेकिन जब हुड्डा कमेटी गठन की डिमांड पर अड़े रहे तो सीएम ने ऐलान किया कि अस्पतालों की लापरवाही का पता करने के लिए कमेटी गठित होगी। इसके बार विपक्ष शांत हुआ।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि कोविड महामारी के दौरान हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की।
उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान व्यवस्था में लापरवाही करने वालों के खिलाफ जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी, जहां-जहां लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा के अस्पतालों में लगभग 13 हजार लोगों की कोविड के कारण मृत्यु हुई। इनमें से लगभग 9500 हरियाणा के रहने वाले थे, जबकि लगभग 3500 हरियाणा के बाहर के कोविड मरीजों की मृत्यु हुई। हरियाणा में लगभग 4000 निजी अस्पताल हैं। सभी जगह हर शहर में एजेंसियों के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। जरूरत पडऩे पर पास के शहर से भी ऑक्सीजन की सप्लाई कराई गई। उन्होने कहा कि हिसार, रेवाड़ी और गुरुग्राम में कुछ अस्पतालों में लापरवाही की बात सामने आई थी। इन तीनों स्थानों पर लापरवाही के मामलों की मजिस्ट्रेट जांच कराई गई है। दो स्थानों की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया है कि ऐसा कोई मामला नहीं है, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत हुई है।