-जोगी समाज ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का जताया आभार
-गुरू गोरखनाथ के नाम से मिलता-जुलता है गोरखधंधा शब्द
-जोगी समाज ने धार्मिक भावनाएं आहत होने की सीएम से कही थी बात
रोहतक। गोरखधंधा शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाकर हरियाणा सरकार ने अच्छा काम किया है। इस शब्द के इस्तेमाल से जोगी समाज की भावनाएं आहत हो रही थी। जिस पर समाज के मौजिज लोगों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करके इस शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी।
सरकार के इस निर्णय पर अखिल भारतीय नाथ (जोगी) समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश भट्ठी ने कहा कि सरकार द्वारा किया गया यह कार्य सराहनीय है। जगदीश भट्टी ने कहा कि गुरू गोरखनाथ जी के नाम को अनैतिक कार्यों के साथ जोड़कर बोला जाता था। समस्त जोगी समाज ने काफी समय से सरकार से मांग की थी कि इस शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए। गुरू गोरखनाथ जी ने समस्त विश्व को योग व भाईचारे का संदेश दिया था। इसलिए उनके नाम से मिलते इस शब्द को प्रतिबंधित किया जाए। अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह निर्णय ले लिया है कि भविष्य में हरियाणा में किसी भी तरह से बोलने, लिखने में गोरखधंधा शब्द इस्तेमाल नहीं होगा।
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संस्था के जिला मीडिया प्रभारी राजेश योगी का कहना है कि जोगी समाज ने समाज को सदा एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है। गुरू गोरखनाथ का भी यही संदेश रहा है कि हम सब एक होकर रहें। सब एक दूसरे का सहयोग करें। उनके दिखाए मार्ग पर समाज चल रहा है। समाज में जागृति लायी जा रही है। उन्होंने सरकार का आभार जताया है कि सरकार ने समाज की बात को समझा और उसे पूरा किया।
जब सीएम मनोहर लाल ने भी बोला...गोरखधंधा
बता दें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फरीदाबाद में 15 अगस्त 2021 को आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में संबोधन के दौरान पेंशन, वजीफों व सब्सिडी में गोरखधंधे चलने की बात कही थी। नकारात्मक कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के मुंह से यह शब्द निकला। इस पर जोगी समाज ने आपत्ति भी जताई थी। मुख्यमंत्री के समक्ष जब जोगी समाज ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए गोरखधंधा शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की। अब इसके इस्तेमाल पर हरियाणा सरकार ने अधिकारिक रूप से रोक लगा दी है।