चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगतों को श्रद्धांजलि भेंट करते समय उस समय माहौल गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि देने की मांग उठाई। कांग्रेस के कई विधायकों ने हुड्डा का समर्थन किया लेकिन सरकार ने हुड्डा की मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
सदन की कार्यवाही के दौरान गठबंधन सरकार की तरफ से उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा के पूर्व राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा को याद करते हुए सदन की तरफ से श्रद्धांजलि भेंट की। पहाडिय़ा का कोरोना की दूसरी लहर के दौरान निधन हुआ था। सदन में आज जिन दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि भेंट की गई उनमें से ज्यादातर का कोरोना की दूसरी लहर के दौरान निधन हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सतबीर कादयान, पूर्व मंत्री डॉ.कमला वर्मा, पूर्व उपमंत्री प्रो.महा सिंह, पूर्व राज्य मंत्री राव धर्मपाल, बहादुर सिंह, पूर्व विधायक किताब सिंह, दरियाव सिंह रजौरा, चौधरी जिले सिंह तथा पूर्ण सिंह को श्रद्धांजलि दी।
विधानसभा के बजट सत्र से लेकर मानसून सत्र के बीच मृत्यु को प्राप्त हुए जनप्रतिनिधियों के अलावा फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को याद करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मिल्खा सिंह सदियों तक उभरते खिलाडिय़ों तथा युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहेंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा जब अपनी पार्टी की तरफ से दिवंगतों के प्रति शोक व्यक्त कर रहे थे तो उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए सरकार से आग्रह किया कि शोक प्रस्तावों में किसानों को भी शामिल किया जाए। इस बात को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से मामूली तकरार भी हुई। जिसे संभालते हुए स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने साफ किया कि यह सदन शोक प्रस्ताव पुस्तिका में शामिल सभी दिवंगतों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करता है।