चंडीगढ़, 19 अगस्त। हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल भर्ती का रिटन एग्जाम लीक होने के बाद से विवादों में आए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने बृहस्पतिवार को विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से मुलाकात की। आयोग चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी के नेतृत्व में स्पीकर से मिले प्रतिनिधिमंडल में आयोग के पांच सदस्य भी शामिल रहे। इनमें विजय कुमार, सत्यवान शेरा, विकास दहिया, सचिन जैन व कंवलजीत सैनी शामिल रहे।
स्पीकर को सौंपे ज्ञापन में आयोग ने मांग की है कि शुक्रवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में ही नकल विरोधी कानून लाए जाए ताकि प्रदेश में नकल पर लगाम लग सके। मुलाकात के दौरान 16 अगस्त को हुई आयोग की बैठक और इसमें लिए गए फैसलों के बारे में भी स्पीकर को अवगत करवाया। भोपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा में विभिन्न भर्ती एजेंसियों के लिए नकल की घटनाएं एक चुनौती है। नकल की घटनाओं को रोकने के लिए कोई कड़ा कानून नहीं है।
उन्होंने कहा कि 7 व 8 अगस्त को हरियाणा पुलिस पुरुष सिपाही भर्ती में पेपर लीक की घटना ने शासन-प्रशासन और आयोग के सामने नई चुनौती पैदा की है। उन्होंने कहा कि नकल करने और करवाने वालों को भादंसं की धारा – 468, 471, 420 व 120बी के तहत सजा का प्रावधान तो है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। आयोग ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि नये कानून में कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। इसमें नकल करवाने वालों की प्रॉपर्टी अटैच करवाने के प्रावधान हों।