चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है। कोरोना प्रोटोकाल के चलते इस बार भी विधानसभा में सीमित लोगों का आवागमन होगा। विधानसभा की कार्यवाही से पहले बिजनेस सलाहकार समिति की बैठक में सत्र की अवधि तय होगी। माना जा रहा है कि इस बार मानसून सत्र तीन दिन ही चलेगा।
विधानसभा सचिवालय द्वारा सत्र के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने बृहस्पतिवार को सभी अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सुरक्षा में सेंध लगाए जाने की घटना के बाद इस बार विधानसभा परिसर की सुरक्षा चाक-चौबंद रहेगी। स्पीकर द्वारा पहले ही हरियाणा, पंजाब तथा चंडीगढ़ के पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की जा चुकी है।
विधानसभा परिसर में हरियाणा व पंजाब के सात संयुक्त प्रवेश द्वारों पर पहले के मुकाबले अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। विधायकों के सहयोगी भी परिसर के बाहर ही रूकेंगे। मंत्रियों के साथ उनका सीमित स्टाफ ही आएगा। दूसरी तरफ विपक्षी दल कांग्रेस ने मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति पर मंथन किया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास पर कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई।
विपक्ष द्वारा जिन मुद्दों पर सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार को जिन संभावित मुद्दों पर घेरा जाएगा, उन्हें लेकर सरकार भी तैयार है। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल भाजपा विधायकों की बैठक लेंगे। जिसमें सरकार द्वारा विपक्ष के सवालों पर जवाब देने की रणनीति बनाई जाएगी।
भर्ती घोटाला, किसान,महंगाई, बेरोजगारी पर सरकार को घेरेंगे: हुड्डा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में आज कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई। जिसमें मानसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई। हुड्डा ने बताया कि पार्टी विधायकों ने पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, किसानों पर दर्ज किए जा रहे राजद्रोह के फर्जी मुकदमों, जलभराव से फसलों को हुए नुकसान, ट्यूबवेल कनैक्शन देने में हो रही देरी, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए भी स्थगन व काम रोको प्रस्ताव दिए गए हैं।
हुड्डा ने कहा कि विधानसभा में सरकार से हर उस मुद्दे पर सवाल पूछे जाएंगे, जनता जिनके जवाब चाहती है। क्योंकि, बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार की कुनीतियों के चलते आज प्रदेश की जनता अनगिनत चुनौतियों का सामना कर रही है। लेकिन सरकार आंख बंद किए बैठी है।