चंडीगढ़, 13 अगस्त। हरियाणा में करनाल जिला के एक दंपति की 11 साल की बच्ची होने के बावजूद शादी पंजीकृत नहीं हो रही है। रजिस्ट्रार द्वारा शादी पंजीकृत करने से इनकार किए जाने के बाद दंपति ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।
इस मामले में दुल्हन की उम्र 34 साल तो दूल्हे की उम्र 30 साल का और दोनों की 11 साल की एक बच्ची भी है, फिर भी उनकी शादी अवैध है। उनकी शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिल रही है। विवाह पंजीकरण अधिकारी ने इस विवाह को पंजीकृत करने से इनकार कर दिया है। उसने वजह बताई है कि शादी के समय दूल्हा नाबालिग था। इंद्री तहसील के रहने वाले एक युवक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि उसका विवाह हिंदू रीति रिवाज के तहत आठ दिसंबर 2009 को हुआ था। उस समय उसकी उम्र 18 साल पांच महीने 10 दिन थी, जबकि उसकी पत्नी की उम्र 22 साल चार महीने की थी। उनके विवाह के करीब 10 महीने बाद 15 अक्टूबर 2010 को एक लडक़ी का जन्म हुआ।
सात जुलाई 2021 को उन्होंने इंद्री के तहसीलदार सह विवाह पंजीकरण अधिकारी को एक आवेदन देकर विवाह पंजीकृत करने का आग्रह किया। लेकिन, 20 जुलाई 2021 को उनका आवेदन इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि विवाह के समय लडक़े की आयु 21 साल से कम थी, जो कानूनन शादी के लिए जरूरी है।
याचिका कर्ता की दलील थी कि अब जब वह विवाह पंजीकरण करवाना चाहता है तो कानूनी तौर पर योग्य है, लेकिन विवाह पंजीकरण अधिकारी उनकी इस दलील को न समझते हुए विवाह के समय उनकी आयु को आधार बना कर पंजीकरण नहीं कर रहा है। उसकी इस समय लगभग 11 साल की बेटी है और विवाह पंजीकरण अधिकारी शादी को कानूनी तौर पर गलत करार देकर विवाह पंजीकृत करने से इन्कार कर रहा है।
करनाल के इंद्री के इस दंपती ने विवाह पंजीकरण अधिकारी के आदेश को रद कर उनके विवाह को पंजीकृत करने के निर्देश देने की मांग की है। हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार, करनाल के डीसी समेत इंद्री के तहसीलदार सह विवाह पंजीकरण अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।