चंडीगढ़, 11 अगस्त। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज से आज भारत की महिला हॉकी खिलाड़ी टीम की सदस्य मिलने के लिए उनके कार्यालय में पहुंची। इन महिला खिलाडिय़ों में टीम की कप्तान रानी रामपाल, मोनिका, निशा, नवनीत कौर, नवजोत कौर, उदय, शर्मिला और नेहा शामिल थी। इसके अलावा, टीम के साथ आए विधायक रामकरण काला भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर विज ने इन खिलाडिय़ों को शॉल व मिठाई खिलाकर स्वागत किया और कहा कि आज भारत की महिला हॉकी टीम के सदस्य टोक्यो ओलंपिक से लौटने के बाद उनके कार्यालय में पहुंची हैं, उनका वे स्वागत करते हैं।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि ओलंपिक जैसी बड़ी खेल प्रतियोगिता में किसी टीम व खिलाड़ी का पहुंचना बहुत ही बड़ी बात हैं क्योंकि ओलंपिक में जाने के लिए कई खिलाडियों की ख्वाहिशें होती हैं। उन्होंने कहा कि खेल में हार-जीत होती रहती है और खेल में इसका कोई महत्व नहीं होता है, महत्व इस बात का है कि ये कितने दमखम के साथ खेली है और इन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया हैं।
उन्होंने कहा कि इन हाकी खिलाडियों ने मैचों में दमखम, तकनीक, वैज्ञानिक सूझबुझ के साथ अपने खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ‘खूब लड़ी मर्दानी, वो झांसी वाली रानी थी’। उन्होंने कहा कि मैच नहीं जीत पाए लेकिन इन्होंने अपने खेल के बल पर पूरे देश को एक करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी हॉकी के खेल में अपनी रूचि दिखाई और एक खिलाड़ी को मैच के दौरान चोट लगने पर उस खिलाडी से बातचीत कर हौसला बढाने का काम किया।
हरियाणा हमेशा से ही खिलाडियों को प्रोत्साहित करता आया हैं। हम खिलाडियों को ओलंपिक में स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक विजेता को क्रमश: छह करोड़, चार करोड व ढाई करोड़ और सरकारी नौकरी व एक प्लाट देते हैं। उन्होंने कहा कि ये भारतवर्ष में किसी भी राज्य से सबसे ज्यादा पुरस्कार राशि है।