चंडीगढ़, 10 अगस्त। हरियाणा सरकार ने वॉलंटियर कार्यक्रम-समर्पण जल्द ही लांच करने की तैयारी कर रही है। इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन से लोगों में समाज के प्रति समर्पण का भाव जगेगा और लोग निस्वार्थ भाव से समाजसेवा के लिए आगे आएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को इस संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि समर्पण कार्यक्रम सरकार की बड़ी पहल है। इसके तहत समाज के ताने बाने को ठीक करने में सहयोग मिलेगा, साथ ही कांउसलिंग आदि कार्यो में सहयोग कर इस कार्यक्रम में जुड़े वॉलिंटियर क्राइम कंट्रोल करने में भी अहम भूमिका अदा करेंगे।
समपर्ण योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान वॉलंटियर अपनी डिटेल दर्ज करने के साथ ही वह किस क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक हैं, यह भी दर्ज करेंगे। वॉलंटियर कितने घंटे का समर्पण प्रति सप्ताह कर सकेंगे, यह जानकारी भी वह आवेदन करते समय ही दर्ज करेंगे। वॉलंटियर द्वारा उपलब्ध करवाई गई डिटेल के आधार पर उनकी रुचि के अनुसार ही उनकी सेवाएं ली जाएंगी।
मुुख्यमंत्री ने कहा कि समर्पण योजना के तहत मुख्य फोकस सामाजिक क्षेत्र पर करना है। इसी के दृष्टिगत उन्होंने इस योजना में सामाजिक क्षेत्र के बिन्दुओं पर विशेष जोर देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के दौरान बहुत से ऐसे लोग भी सामने आएंगे, जो अच्छे ट्रेनर भी हो सकते हैं। ऐसे लोगों को नैतिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण देने के काम में लगाएंगे तो हम इस योजना के अपने उद्वेश्य में और अधिक सफल होंगे।
बैठक के दौरान बताया गया कि वॉलिंटियर की सेवाएं शिक्षा, खेल, कौशल विकास, किसान एवं कृषि, पर्यावरण, सामाजिक ऑडिट, सरकारी योजनाओं में भागीदारी, सामान्य प्रशासन और स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में ली जाएंगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी एस ढेसी, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, डॉ.महाबीर सिंह, डॉ.सुमिता मिश्रा, वी.राजा शेखर वुडंरु, श्रीमती जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी.उमाशंकर, विदेश सहयोग विभाग के प्रधान सचिव एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार योगेन्द्र चौधरी, उपप्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।