चंडीगढ़, 9 अगस्त। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’’ को लागू करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। नई शिक्षा नीति के लागू होने से पूरे देश में एक नए युग की शुरूआत हुई है, जिससे भारत का नव-निर्माण होगा और युवाओं का भविष्य भी स्वर्णिम होगा। राज्यपाल सोमवार को राजभवन में हरियाणा विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं कुलसचिव की एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा की क्रान्ति में हम सबको बढ़-चढ़ कर भाग लेना है और राष्ट्रहित में भारत के भविष्य को नई शिक्षा नीति के अनुरूप ढालने का सकारात्मक प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को देश में सफलतापूर्वक लागू करने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस नीति के तहत विश्वविद्यालयों में वर्तमान की मांग के अनुसार नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
दत्तात्रेय ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समन्वय स्थापित करना और उनके द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करना भी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने और प्रदेश में इस नीति के सही क्रियान्वन करने के लिए केन्द्र व हरियाणा सरकार बधाई की पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इस नीति की यह भी विशेषता है कि इसमें वैज्ञानिक एवं सामाजिक अनुसंधान कार्यों को ‘‘नैशनल रिसर्च फाउडेशन’’ बनाकर नियंत्रित किया जाएगा, जिससे शोद्यार्थियों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं कुलसचिवों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के आयाम को उच्च स्तर पर ले जाने का मुख्यध्येय बनाएं और उसे निर्धारित समयावधि में पूरा करें, ताकि इसका लाभ प्रदेश के हर युवा को मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सारे प्रावधान 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने में विश्वविद्यालयों का अहम योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उच्चतर शिक्षा के ग्रेड को कैसे ऊंचा उठाया जाए, इसके लिए विश्वविद्यालयों को पहल करनी होगी। हरियाणा राष्ट्रीय राजधानी के नजदीक होने से विदेशी छात्रों के आकर्षण का केन्द्र बन सकता है।
कार्यशाला में चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम ने मेडिकल शिक्षा, उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आनन्द मोहन शरण ने तकनीकी एवं उच्चतर शिक्षा के बारे में प्रस्तुति दी। हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् के चेयरमैन प्रो. बी. के. कुठियाला, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय दहिया, सचिव राज्यपाल अतुल द्विवेदी सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति व कुलसचिव ने भाग लिया।