चंडीगढ़, 8 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि शासन में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रदेश की प्राथमिकताओं के अनुरूप बेहतर कार्य करेंगे। इसके साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचा कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे में सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री रविवार को सुशासन सहयोगियों के छठे नए बैच को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत अति गरीब एक लाख परिवारों की आय कम से कम 10 हजार रुपए मासिक करने का लक्ष्य है। इस योजना में छह विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं जिनमें स्थानीय निकाय, श्रम, स्किल इण्डस्ट्रीज, स्वास्थ्य, एमएसएमई शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि 2024 तक प्रदेश के हर परिवार को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर मिलें और उनमें आर्थिक सम्पन्नता आए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का नूंह जिला सबसे कमजोर है उसे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में आगे बढाना है।
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उन्होंने कहा कि सुशासन सहयोगी समाज के लिए सकारात्मक और लाभप्रद विचारों वाले लक्ष्य लेकर आगे आएं, और उन्हें पूरा करने के लिए कार्य करें। यदि सही रास्तों पर चलते हैं तो कठिनाईयां आती हैं, लेकिन उनका हल निकालकर आगे बढना ही मुख्य ध्येय होना चाहिए। नए विचारों एवं सोच को लागू करना और उन्हें परिणामोन्मुखी बनाना ही जीवन का आधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में निराशा के क्षण आएं तो हिम्मत से काम लें और स्वामी विवेेकानंद की कहावत अनुसार उठो, जागो और आगे बढो-पर चलें और अपना जीवन लोगों की भलाई के लिए समर्पित करें। जीवन में अनुशासन और समय के सदुपयोग पर पूरा ध्यान केन्द्रित रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सहयोगी सरकार व जनता के बीच सहयोगी की अहम भूमिका निभाते हुए लक्ष्य के अनुरुप कार्य करें। उन्होंने कहा कि इससे पहले बैच के सुशासन सहयोगियों ने बेटी बचाओ, बेटी पढाओ, लिंगानुपात, सीएम विण्डो, सक्षम हरियाणा, ई-आफिस, स्वच्छ भारत अभियान आदि कार्यक्रमों में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सहयोगी कोरोना नियंत्रण में भी भरपूर योगदान करेंगे। संबंधित सरपंच, बीडीसी, जिला परिषद, विधायक की सिफारिश के बाद विभाग उसके निर्माण के लिए फिजिबलिटी, एस्टीमेंट एवं बजट तैयार करके कार्य की अनुशंसा करेगा। सुशासन सहयोगियों ने मुख्यमंत्री को अपने सुझाव भी दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल के अलावा अशोका यूनिवर्सिटी के को-फाउण्डर विनित गुप्ता भी मौजूद रहे।