चंडीगढ़, 08 जुलाई। हरियाणा डेयरी डेवलेपमेंट कोऑपरेटिव फैडरेशन अब अपने यहां भी गुजरात की तर्ज पर ईआरपी (इम्पलाइमेंट रिसोर्स प्लानिंग) सिस्टम लागू करेगी। डेयरी डेवलेपमेंट के चेयरमैन रणधीर सिंह के नेतृत्व में फैडरेशन की एक टीम गांधीनगर स्थित बसरा मिल्क डेयरी और अमूल प्लांट के दौरे पर गई है। इस दो दिवसीय दौरे के दौरान वाक्तपुर गांव में दुग्ध सोसायटी का भी दौरा प्रतिनिधिमंडल ने किया।
प्रतिनिधिमंडल में डेयरी डेवलेपमेंअ के प्रबंध निदेशक ए. श्रीनिवासन, महाप्रबंधक एसएस सेतिया और परियोजना प्रबंधक अमित सचदेवा भी शामिल हैं। दौरे का मुख्य उद्देश्य किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर दुग्ध समितियों के कामकाज में डिजिटल हस्तक्षेप का अध्ययन करना है। टीम ने बसरा डेयरी में खरीद प्रभारी और हिम्मत नगर तालुका के वाक्तपुर गांव के सचिव और किसानों के साथ भी बातचीत की।
गुजरात में दुग्ध उत्पादक किसानों को ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से खरीद पर्ची जारी होती है। इसमें वसा/एसएनएफ के बारे में जानकारी होती है। इसी के अनुसार दूध के लिए कुल राशि की गणना की जाती है। यह पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में जमा होता है। हरियाणा भी अब इसी पैटर्न को फॉलो करेगा। रणधीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की दुग्ध समितियों और दुग्ध संघ में समान ईआरपी को लागू करने की प्रक्रिया में है।
उन्होंने कहा कि गांधीनगर संयंत्र के दौरे के दौरान सडऩ रोकने वाली पैकेजिंग मशीन का भी निरीक्षण किया। यहां बता दें कि हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट को ऑपरेटिव फैडरेशन रोहतक मिल्क यूनियन में असेप्टिक पैकेजिंग प्लांट लगा रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम सौंपा है। पैकेजिंग प्लांट पर 125 करोड़ रुपये लागत आएगी। प्रबंध निदेशक ए़ श्रीनिवास ने बताया कि अधिकांश प्रतियोगियों के पास सडऩ रोकने वाला पैकेजिंग सुविधा है।
यह सुविधा न केवल उत्पाद के शेल्फ जीवन को बढ़ाएगी बल्कि फेडरेशन की समग्र बिक्री और लाभ प्रदता में भी वृद्धि करेगी, इसमें 1.25 एल एलपीडी अतिरिक्त दूध प्राप्त करने और किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने उल्लेख किया कि हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन वीटा ब्रांड की दृश्यता और समग्र बिक्री बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर लगातार काम कर रहा है और ग्राहकों को आने वाले महीनों में वीटा उत्पादों की उत्पाद रेंज गुणवत्ता और पैकेजिंग में आमूल चूल परिवर्तन देखने को मिलेंगे।