चंडीगढ़। हरियाणा के युवाओं को कालेज तथा विश्वविद्यालय स्तर पर ही लाइसेंस व पासपोर्ट मुहैया करवाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मनोहर सरकार पहले ही यह तय कर चुकी है कि कालेज एवं विवि कैम्पस में ही विद्यार्थियों के लाइसेंस व पासपोर्ट बनवाएगी ताकि युवाओं को रोड सेफ्टी नियमों से अवगत करवाया जा सके। इसी तरह से हायर एजुकेशन के लिए विद्यार्थियों को स्टडी लोन दिलवाने में कोऑर्डिनेटर मध्यस्ता करेंगे ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट न आए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया कि जिला व प्रदेश स्तर पर नियुक्त होने वाले कोऑर्डिनेटर की ट्रेनिंग भी करवाई जाएगी। सरकार के विभिन्न विभागों के कामकाज के अलावा उनकी योजनाओं के बारे में उन्हें बताया जाएगा। संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा कोऑर्डिनेटर को योजनाओं की नियमों एवं शर्तों के बारे में बारीकी से बताया जाएगा ताकि जब वे काम के लिए जिले के दफ्तरों में जाएं तो सभी प्रकार के दस्तावेज साथ लेकर जाएं। ऐसे में कार्यों में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।
कोऑर्डिनेटर नियुक्त होने के बाद हलकों में विधायकों का वर्कलोड कम होगा। आम लोगों को अपनी शिकायतों एवं समस्याओं के लिए एक नया चैनल मिलेगा। उदाहरण के तौर पर किसी को बुढ़ापा, विधवा या दिव्यांग पेंशन बनवानी है तो अब विधायक के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए कोऑर्डिनेटर ही बहुत होंगे। किसी को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दिक्कत आ रही है तो इसका समाधान भी पार्टी के पदाधिकारी ही करवा सकेंगे।
हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के अनुसार केंद्र व राज्य सरकार की ऐसी कई योजनाएं हैं, जो सही से सिरे नहीं चढ़ पाती। सही लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में विभाग व योजनावार कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। प्रदेश स्तर पर भी मॉनिटरिंग के लिए पार्टी के विभिन्न विभागों, सैल, मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के नेताओं की ड्यूटी लगेगी। अभी विभागों एवं योजनाओं को चिह्नित किया जा रहा है।