चंडीगढ़, 02 जुलाई। जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला आठ साल पांच महीने की सजा के बाद शुक्रवार को तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही चौटाला ने कहा कि वह जल्द ही कार्यकर्ताओं के बीच होंगे।
चौटाला के जेल जाने के बाद हरियाणा की राजनीति में इंडियन नेशनल लोकदल लगभग बिखर चुकी है। हालांकि जेल से पैरोल पर आकर चौटाला अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के संपर्क में अवश्य रहे हैं लेकिन सुप्रीमों के जेल में होने से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हुआ है।
इनेलो सरकार के दौरान वर्ष 1999-2000 में हुई जेबीटी भर्ती मामले में धांधली के चलते चौटाला को दोषी ठहराया गया था। उस समय एजुकेशन मिनिस्टरी चौटाला के पास ही थी। जेबीटी भर्ती जिला शिक्षा अधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटियां गठित करके हुई थी। जेबीटी भर्ती घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा चौटाला के राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी को 16 जनवरी 2013 को दस साल की सजा सुनाई गई थी। चौटाला आठ साल पांच महीने की सजा पूरी कर चुके हैं।
दिल्ली सरकार ने स्पेशल रिमिशन (विशेष क्षमा) नियम के तहत चोटाला की बाकि सजा को माफ कर दिया। चौटाला कोरोना के चलते पिछले कुछ समय से पैरोल पर चल रहे थे। जिसके चलते शुक्रवार को वह दोबारा तिहाड़ जेल पहुंचे। जहां कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद ओम प्रकाश चौटाला ने कहा कि वह जल्द ही कार्यकर्ताओं के बीच होंगे। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों के हितों की आवाज उठाएंगे।
चुनाव आयोग ने दी मंजूरी तो ऐलनाबाद से लड़ सकते हैं चुनाव
ओम प्रकाश चौटाला जेल से रिहा हो चुके हैं, लेकिन अभी उनके चुनाव लडऩे पर रोक है। माना जा रहा है कि चौटाला आने वाले दिनों चुनाव आयोग के समक्ष याचिका दायर करके चुनाव लडऩे की छूट मांग सकते हैं। चुनाव आयोग ने अगर मंजूरी दी तो चौटाला ऐलनाबाद का चुनाव लड़ सकते हैं। करीब 51 वर्ष पूर्व मई 1970 में ओम प्रकाश चौटाला ने अपने राजनीतिक जीवन का पहला उपचुनाव ऐलनाबाद से ही जीता था। जब उस सीट से 1968 विधानसभा आम चुनावो में निर्वाचित राव बीरेंदर सिंह की विशाल हरियाणा पार्टी (वीएचपी )के विधायक लाल चंद का चुनाव रद्द कर दिया गया था और उपचुनाव करवाना पड़ा था। उस समय बंसी लाल प्रदेश के मुख्यमंत्री थे जबकि भजन लाल उनके मंत्रिमंडल में थे।